निघासन में भीषण सड़क हादसा, 2 छात्राओं समेत 3 की मौत - पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचे शव, छाया मातम
लिफ्ट बनी काल, ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर - दो दिन पहले ही पिता ने जमा की थी 30 हजार फीस

लखीमपुर-खीरी। जिले में शनिवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। निघासन में तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बाइक सवार दो नर्सिंग छात्राओं समेत 3 लोगों की मौत हो गई। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया, परिजनों की चीख-पुकार से गांव में मातम छा गया। मृतकों में निघासन के चंद्रगुप्तनगर वार्ड निवासी क्रांति (21), मझगई थाना क्षेत्र के बोटनपुरवा गांव की प्रियंका (21) और निघासन के रामजीवन (20) शामिल हैं। क्रांति और प्रियंका भीरा के संतगढ़ स्थित वन बीट कॉलेज आॅफ मेडिकल साइंस में नर्सिंग की पढ़ाई करती थीं, घर से 60 किमी दूर रोजाना अप-डाउन करती थीं।
क्रांति के पिता सभासद रामखेलावन ने बताया कि शनिवार को कॉलेज की छुट्टी के बाद क्रांति और प्रियंका बस का इंतजार कर रही थीं। तभी पड़ोसी रामजीवन दवा लेकर वहां से गुजरा और दोनों को घर छोड़ने के लिए बाइक पर बैठा लिया। कुछ ही दूर पर तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। क्रांति को उसकी मां डॉक्टर बनाना चाहती थी, जबकि प्रियंका के पिता ने हादसे से दो दिन पहले ही 30 हजार रुपये फीस जमा की थी। प्रियंका तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटी थी। रामजीवन के परिवार में पहले ही मां सोना देवी का निधन हो चुका है, अब जवान बेटे की मौत से पिता सोनेलाल टूट गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निघासन क्षेत्र की आबादी 4 लाख से अधिक होने के बावजूद उच्च शिक्षा के लिए सरकारी कॉलेज नहीं हैं, जिससे छात्राओं को दूर-दराज जाना पड़ता है। इस घटना ने सड़क सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की सुलभता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।



