लखनऊ में देश के पहले एबीसी ट्रेनिंग सेंटर का लोकार्पण

- नगर विकास मंत्री ने किया शुभारंभ, महापौर रहीं कार्यक्रम की अध्यक्ष
- 1.08 लाख श्वानों की नसबंदी और 80 प्रतिशत श्वान आबादी को किया कवर
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। मानव-श्वान संघर्ष में कमी लाने, श्वानों की जनसंख्या को नियंत्रित करने और पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने की दिशा में लखनऊ नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर निगम द्वारा इंदिरा नगर के जरहरा में स्थापित अत्याधुनिक एनिमल बर्थ कंट्रोल ट्रेनिंग सेंटर का लोकार्पण बुधवार को मुख्य अतिथि नगर विकास, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर सुषमा खर्कवाल ने की।
इस केंद्र में पशु चिकित्सकों, पैरा वेटरिनेरियन और एनिमल हैंडलर्स को एबीसी डॉग रूल्स, 2023 के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्यम से श्वानों के बंध्याकरण, एंटी-रेबीज टीकाकरण, वैज्ञानिक प्रबंधन और पशु कल्याण से जुड़ी मानक प्रक्रियाओं को मजबूत किया जाएगा। नगर निगम की इस पहल का उद्देश्य मानव-श्वान संघर्ष की घटनाओं में कमी लाने के साथ ही श्वानों की देखभाल और जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम को अधिक व्यवस्थित बनाना है। लखनऊ नगर निगम द्वारा स्थापित इस प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना लखनऊ नगर निगम, एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया तथा उत्तर प्रदेश सरकार के बीच हुए त्रिपक्षीय अनुबंध के आधार पर की गई है। केंद्र में प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन नगर निगम द्वारा चयनित एवं अनुबंधित संस्था ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स के माध्यम से किया जाएगा। इस केंद्र के माध्यम से पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़ी संस्थाएं अपने पशु चिकित्सकों, पैरा वेट स्टाफ और एनिमल हैंडलर्स को निर्धारित मानकों के अनुसार प्रशिक्षण दिला सकेंगी। इससे श्वानों के बंध्याकरण, उनकी देखभाल और संबंधित प्रक्रियाओं में तकनीकी दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी। लखनऊ नगर निगम द्वारा अनुबंधित संस्था ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स के माध्यम से सितंबर 2019 से श्वानों की जनसंख्या नियंत्रण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस दिशा में प्रदेश में सबसे पहले नसबंदी केंद्र की शुरुआत लखनऊ में की गई थी। संस्था के माध्यम से अब तक 1,08,000 श्वानों की नसबंदी की जा चुकी है। श्वानों के प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लखनऊ नगर निगम द्वारा जून 2026 से माइक्रोचिपिंग का कार्य भी किया जा रहा है। इसके माध्यम से श्वानों से संबंधित डाटा का डिजिटल रूप से संरक्षण किया जा रहा है। जरहरा, इंदिरा नगर में स्थापित एबीसी ट्रेनिंग सेंटर को प्रशिक्षण और व्यावहारिक कार्यों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। केंद्र में एक साथ 30 लोगों को प्रशिक्षण देने की क्षमता है। यहां सैद्धांतिक अध्ययन के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। केंद्र में एक ऑपरेशन थिएटर बनाया गया है, जिसमें दो ऑपरेशन टेबल की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त एक प्रिपरेशन रूम, एक कॉन्फ्रेंस रूम और दो क्लासरूम उपलब्ध हैं। एबीसी ट्रेनिंग सेंटर में 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। इसमें सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। एबीसी ट्रेनिंग सेंटर के लोकार्पण कार्यक्रम के उपरांत नगर विकास, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा मंत्री ने जरहरा, इंदिरा नगर स्थित राधा उपवन गौशाला का स्थलीय निरीक्षण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि लखनऊ नगर निगम शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और रेबीज-मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। एबीसी ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना से श्वानों की जनसंख्या नियंत्रण व्यवस्था को वैज्ञानिक आधार मिलेगा और इस कार्य में लगे कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी।



