एजेंसी। नई दिल्ली। यमन के जलक्षेत्र के पास लाल सागर में भारतीय ध्वज वाले एक जहाज ‘फैजे नूरे औलिया’ पर एक अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से हमला किया गया, जिसके कारण जहाज पलट गया और समुद्र में डूब गया। इस हमले में जहाज पर सवार 13 भारतीय वाले नाविक दल के 14 सदस्यों को बचा लिया गया है। केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सवार्नंद सोनोवाल ने मंगलवार रात सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जहाज में सवार सभी नाविकों को यमनी तटरक्षक बल ने सुरक्षित बचा लिया गया है और उन्हें यमन के मोखा बंदरगाह लाया गया है। इस हमले के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए इस गैर-उकसावे वाली कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है।
हमारे लोगों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : सोनोवाल
केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा, हमारे लोगों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुझे यह बताते हुए राहत मिल रही है कि सभी 14 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। मैंने महानिदेशक समुद्री प्रशासन (डीजीएमए) को सभी एजेंसियों के साथ तालमेल बना कर इस क्षेत्र में भारतीय नाविकों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने और बचाए गए चालक दल को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया है। विदेश मंत्रालय ने भी देर रात इस हमले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि भारत इस निहत्थे वाणिज्यिक पोत पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता है। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि सऊदी अरब के रियाद स्थित भारतीय दूतावास स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और नाविकों की सुरक्षा व वापसी के लिए यमनी अधिकारियों के साथ सक्रियता से सहयोग कर रहा है। भारत सरकार ने राहत व बचाव कार्य में सहयोग के लिए यमन के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।
वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक
विदेश मंत्रालय ने इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं। ऐसे हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से मुक्त और अबाध नौवहन और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। लाल सागर का यह इलाका होर्मुज की खाड़ी से अलग है। होर्मुज की खाड़ी सऊदी अरब के पूर्व/उत्तर-पूर्व में स्थित है, जबकि लाल सागर सऊदी अरब के पूरे पश्चिमी तट पर फैला हुआ है। यह हमला किसने और क्यों किया, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है।










