स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
पुलिस में बड़ा फेरबदल, 18 आईपीएस अधिकारियों के तबादलेअगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी: योगीतेलीवाला प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी से 50 बच्चों का भविष्य दांव परहोमकुंड में बड़ी पूजा के बाद तीन चौसिंगा खाड़ुओं की कैलाश विदाईहोमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के लिए खरीदे जाएंगे 10 लाख से अधिक कारतूसयूपीआई शुल्क के विरोध में सड़कों पर उतरे व्यापारी, सरकार का पुतला दहनसेवा संकल्प अभियान: पाटी में रक्तदान शिविर, 8 लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदानमीरजापुर के कालीन कारोबार को मिलेगी वैश्विक पहचानयुवक के आत्महत्या मामले में दो साल बाद छह लोगों पर केस दर्जगुरुग्राम में रात के समय 17 कर्मचारी करेंगे मुख्य सडक़ों की स्ट्रीट लाइटों की निगरानीपुलिस में बड़ा फेरबदल, 18 आईपीएस अधिकारियों के तबादलेअगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी: योगीतेलीवाला प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी से 50 बच्चों का भविष्य दांव परहोमकुंड में बड़ी पूजा के बाद तीन चौसिंगा खाड़ुओं की कैलाश विदाईहोमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के लिए खरीदे जाएंगे 10 लाख से अधिक कारतूसयूपीआई शुल्क के विरोध में सड़कों पर उतरे व्यापारी, सरकार का पुतला दहनसेवा संकल्प अभियान: पाटी में रक्तदान शिविर, 8 लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदानमीरजापुर के कालीन कारोबार को मिलेगी वैश्विक पहचानयुवक के आत्महत्या मामले में दो साल बाद छह लोगों पर केस दर्जगुरुग्राम में रात के समय 17 कर्मचारी करेंगे मुख्य सडक़ों की स्ट्रीट लाइटों की निगरानी

‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का लोकार्पण, युद्धपोत आईएनएस गोमती होगा मुख्य आकर्षण

‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का लोकार्पण, युद्धपोत आईएनएस गोमती होगा मुख्य आकर्षण

पायनियर समाचार सेवा। लखनऊ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि भारतीय सेनाओं की स्मृतियों को सहेजने वाली वाटिकाएं और संग्रहालय सेना से आत्मीय रिश्ते को फिर से जीवंत कर लोगों में उसके प्रति कृतज्ञता का भाव उत्पन्न करते हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ यहां इकाना स्टेडियम के पास ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का लोकार्पण करने के बाद अपने सम्बोधन में रक्षा मंत्री ने कहा कि यह पार्क कोई साधारण पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि एक जीवंत प्रेरणास्थल है और यह शौर्य वाटिका आने वाली पीढ़ियों को यह बताएगी कि आजादी और सुरक्षा की कीमत क्या होती है।

उन्होंने कहा, कि कई लोग यह सोच सकते हैं कि आखिर इस तरह की शौर्य वाटिका का लखनऊ में क्या काम है, लेकिन इस पर हमें सोचने की जरूरत है कि हमारी सीमाओं की हिफाजत करने वाले हमारे सैनिकों का जो बलिदान है, उनका रोज का जो संघर्ष है, उससे हमारा आत्मीय रिश्ता रोजमर्रा की भागदौड़ में पीछे छूट जाता है। उन्होंने कहा, कि ऐसे में यह शौर्य वाटिका हमें एक बार रुक कर सोने पर मजबूर करेगी कि जिन लोगों की वजह से हमारी यह सारी जिंदगी सुरक्षित चल रही है, उनका योगदान हमारी जिंदगी में कितना बड़ा है। उनके प्रति हमारी नई पीढ़ी कृतज्ञता का अनुभव करेगी, ऐसा मेरा विश्वास है। उन्होंने शौर्य वाटिका में प्रदर्शन के लिये नौसेना से ‘रिटायर’ हो चुकी एक पनडुब्बी भी मंगवाने का भरोसा दिलाया।

सिंह ने कहा कि उनके पास स्कूलों, कॉलेजों और संस्थाओं से पत्र आते रहते हैं कि उन्हें अपने यहां प्रदर्शन के लिये सेना से निष्प्रयोज्य हो चुके टैंक, लड़ाकू विमान या हेलीकॉप्टर चाहिये।उन्होंने कहा, कि मेरा हमेशा यही प्रयास रहता है कि जिन उपकरणों ने दशकों तक हमारे देश की सेवा की है वे रिटायर होने के पश्चात स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय में प्रदर्शित हों। क्योंकि जब हमारी नई पीढ़ी उन्हें अपनी आंखों के सामने देखेगी, उन्हें स्पर्श करेगी तो उसके भीतर राष्ट्र निर्माण का स्वाभाविक रूप से एक जोश भी पैदा होगा। आज जो नौसेना शौर्य वाटिका यहां आपके सामने है, इसके पीछे भी यही सोच है। रक्षा मंत्री ने शौर्य वाटिका के लिये प्रमुख स्थान पर जमीन उपलब्ध कराने, बजट स्वीकृत करने और इसे रिकॉर्ड समय में तैयार करवाने के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना भी की।

सिंह ने भारतीय नौसेना का लखनऊ और गोमती नदी से पुराना नाता बताते हुए कहा कि गोमती नदी लखनऊ की जीवन धारा है और इसी गोमती के नाम पर एक आईएनएस गोमती नाम का युद्धपोत भी है, जिसे 1988 में हमारी नौसेना में शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि इस युद्धपोत के आधिकारिक चिह्न पर लखनऊ की ऐतिहासिक छतर मंजिल की तस्वीर अंकित थी और इसी अटूट बंधन का उत्सव मनाने के लिए आज यहां नौसेना शौर्य वाटिका प्रारंभ की गई है। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस शौर्य वाटिका में जो सामग्री से प्रदर्शित की गयी है वह बिल्कुल असली है और वह कभी आईएनएस गोमती की शान हुआ करती थी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस वाटिका में प्रदर्शित इस जहाज के अंदर जाकर इसकी भव्यता और मारक क्षमता का आकलन करें।

आधिकारिक सूत्रों में मुताबिक 19 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की गयी नौसेना शौर्य वाटिका का एक मुख्य आकर्षण भारतीय नौसेना का निष्प्रयोज्य युद्धपोत आईएसएन गोमती है, जिसे 28 मई 2022 को सेवामुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि वाटिका में प्रदर्शित अन्य चीजों में एक लंगर, सीईटी-53एम पनडुब्बी बाधा उपकरण, मुख्य मस्तूल और जहाज का प्रोपेलर भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ के लखनऊ के पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थल बनने की उम्मीद है और आने वाले वर्षों में यह देश के अग्रणी सैन्य पर्यटन केंद्रों में से एक बन जाएगा। उन्होंने बताया कि वाटिका में आने वाले लोग भारतीय नौसेना के इतिहास, समुद्री सुरक्षा, नौसैनिक अभियानों और तकनीकी क्षमताओं के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे।

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें