-राजपूताना राइफल्स से 2022 में हुए थे रिटायर, दोबारा वर्दी पहनकर देशसेवा का था सपना
शामली। लिसाढ़ गांव निवासी पूर्व सैनिक अंकुज (40) की मेरठ में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान मौत हो गई। मंगलवार शाम करीब सात बजे गांव में उनकी मौत की खबर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। अंकुज वर्ष 2022 में भारतीय सेना की राजपूताना राइफल्स से सेवानिवृत्त हुए थे। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका वर्दी से जुड़ाव बना रहा। इसी वजह से उन्होंने होमगार्ड भर्ती के लिए आवेदन किया था। बुधवार को गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। चचेरे भाई अनिल कुमार ने बताया कि अंकुज किसान बालकिशन के तीन बेटों में दूसरे नंबर के थे। वर्ष 2005 में वह भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। करीब 17 साल तक सेना में सेवा देने के बाद 2022 में राजपूताना राइफल्स से सेवानिवृत्त हुए थे। सेना में रहते हुए उन्होंने देश की सीमाओं पर सेवा की। रिटायरमेंट के बाद अंकुज पत्नी और दोनों बच्चों के साथ मेरठ की सैनिक कॉलोनी में रह रहे थे। उन्होंने होमगार्ड भर्ती के लिए आवेदन किया था। परिजनों के अनुसार उनका सपना दोबारा वर्दी पहनकर देश की सेवा करना था। वह गांव के युवाओं को भी सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे और भर्ती की तैयारी से संबंधित जानकारी देते थे। मंगलवार को अंकुज मेरठ में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने पहुंचे थे। भर्ती प्रक्रिया के दौरान उनकी मौत हो गई। शाम करीब सात बजे परिवार को इसकी सूचना मिली। हालांकि मौत के सटीक कारण की जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अंकुज की मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिचित और ग्रामीण उनके घर पहुंचने लगे। परिवार के लोग भी मेरठ के लिए रवाना हो गए। बुधवार को शव गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंकुज अपने परिवार का मुख्य सहारा थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा 13 वर्षीय बेटा अक्षय और 10 वर्षीय बेटा युवी हैं। उनकी मौत से पत्नी और दोनों बच्चों के सामने परिवार चलाने की जिम्मेदारी आ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार करीब 20 साल पहले अंकुज के पिता बालकिशन की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उनके भाई विकास यूपी पुलिस में बदायूं में सिपाही के पद पर तैनात हैं। अंकुज की मौत की सूचना के बाद परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में शोक का माहौल है।