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राम मंदिर के पहले सीईओ बने पूर्व एयर मार्शल जितेंन्द्र मिश्रा

अयोध्या। अयोध्या स्थित राम मंदिर को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मिल गया है। पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सीईओ नियुक्त किया है। ट्रस्ट की बैठक में उनके नाम पर सहमति बनने के बाद…

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राम मंदिर के पहले सीईओ बने  पूर्व एयर मार्शल जितेंन्द्र मिश्रा
राम मंदिर के पहले सीईओ बने पूर्व एयर मार्शल जितेंन्द्र मिश्रा

अयोध्या। अयोध्या स्थित राम मंदिर को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मिल गया है। पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सीईओ नियुक्त किया है। ट्रस्ट की बैठक में उनके नाम पर सहमति बनने के बाद नियुक्ति का औपचारिक ऐलान किया गया।

जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया के रहने वाले हैं। वह भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख रह चुके हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उन्होंने पश्चिमी वायु कमान की जिम्मेदारी संभाली थी। वह इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस) के उप प्रमुख और इससे पहले उप प्रमुख (ऑर्गनाइजेशन एंड ट्रेनिंग) के पद पर भी रह चुके हैं।

मिश्रा ने खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी और डुंडीगल स्थित एयर फोर्स एकेडमी से प्रशिक्षण लिया है। उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, अलबामा और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से भी शिक्षा प्राप्त की है।

तीन नए ट्रस्टी भी बनाए गए

ट्रस्ट ने तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति भी की है। दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव को ट्रस्टी बनाया गया है। मदन मोहन पांडेय पेशे से वकील हैं और राम जन्मभूमि मामले में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी कर चुके हैं।

महेश भागचंदका विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। वह एम2के समूह के अध्यक्ष हैं। राम मंदिर के भूमिपूजन के समय वह मुख्य यजमान थे। निर्मला यादव के बारे में फिलहाल सार्वजनिक रूप से अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

राम मंदिर सीईओ के पद के लिए 5,585 आवेदन आए थे। इनमें से 16 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। इसके बाद चयन समिति ने तीन नाम ट्रस्ट को भेजे थे। उम्मीदवारों से प्रशासनिक अनुभव, जिम्मेदारियों, धार्मिक क्षेत्र में काम और भगवान राम के प्रति आस्था से जुड़े सवाल पूछे गए थे।