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नाग पंचमी के महासंयोग पर दूधेश्वरनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान दूधेश्वर का किया जलाभिषेक, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा मंदिर गाजियाबाद। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार एवं नाग पंचमी के पावन महासंयोग पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने…

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नाग पंचमी के महासंयोग पर दूधेश्वरनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान दूधेश्वर का किया जलाभिषेक, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा मंदिर

गाजियाबाद। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार एवं नाग पंचमी के पावन महासंयोग पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। मंदिर के पीठाधीश्वर, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष, जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष एवं हिंदू यूनाइटेड फ्रंट के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य में लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की।

रात 12:00 बजे रात्रि से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। रात्रि से सोमवार प्रात: तक मंदिर परिसर हर-हर महादेव, जय दूधेश्वर महादेव और ॐ नम: शिवाय के जयघोष से गुंजायमान रहा। महाराजश्री ने रात्रि लगभग 2 बजे भगवान दूधेश्वर का विधि-विधान से अभिषेक-पूजन किया। प्रात:काल विशेष पूजा, आरती एवं भगवान का दिव्य श्रृंगार किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं के जलाभिषेक का क्रम निरंतर चलता रहा।

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि इस बार सावन का तीसरा सोमवार अत्यंत विशेष है, क्योंकि इसी दिन नाग पंचमी का पावन पर्व भी है। भगवान शिव को सावन मास और सोमवार अत्यंत प्रिय हैं तथा नाग देवता भगवान शिव के कंठ का आभूषण हैं। अत: सोमवार और नाग पंचमी का यह संयोग शिवभक्तों के लिए विशेष पुण्यदायी है। इस दिन भगवान शिव का गंगाजल, दूध आदि से अभिषेक तथा नाग देवता का श्रद्धापूर्वक पूजन करने से शिव कृपा प्राप्त होती है, जीवन के कष्टों के निवारण की कामना की जाती है और सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल की प्राप्ति होती है।

महाराजश्री ने कहा कि सिद्धपीठ दूधेश्वरनाथ में सावन सोमवार पर भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक करने का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। लाखों श्रद्धालुओं द्वारा शांतिपूर्वक दर्शन एवं जलाभिषेक किया जाना सभी सेवा कार्यकतार्ओं और प्रशासन के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।

मंदिर में देवी मंदिर, द्वारकापुरी के महंत गिरिशानंद गिरि जी महाराज द्वारा धूप-दीप आरती की गई। श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल जी एवं समिति के सदस्यों ने भगवान दूधेश्वर के दिव्य श्रृंगार की सेवा संभाली। मोहित जी द्वारा प्रात:काल भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया।

श्रद्धालुओं को व्यवस्थित ढंग से भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक कराने तथा पूजा-प्रसाद आदि की सेवा में मुकेश पंडित जी का विशेष सहयोग रहा। अरुण भारद्वाज जी ने अपनी पूरी टीम के साथ सफाई एवं अन्य सेवा व्यवस्थाओं को संभाला।

मंदिर प्रबंधक आचार्य अमित कुमार शर्मा ने मंदिर की व्यवस्थाओं का संचालन किया। मंदिर कार्यालय प्रबंधक शंकर झा, दूधेश्वर विद्यापीठ संस्थान के सचिव लक्ष्मीकांत जी, आचार्य तोयराज उपाध्याय, आचार्य कृष्ण शर्मा, आचार्य नित्यानंद, रोहित त्रिपाठी सामवेदी, अजय दधीच सहित मंदिर परिवार एवं स्वयंसेवकों ने पूरी रात और प्रात:काल तक सेवा देकर व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा। सोनू पाठक जी सहित अन्य सेवकों ने भी विशेष सहयोग प्रदान किया।

श्रद्धालुओं एवं सेवा में लगे कार्यकतार्ओं के लिए भोजन, नाश्ता और चाय की विशेष व्यवस्था की गई। राजकुमार अरोड़ा जी ने सेवकों एवं ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के भोजन, नाश्ते और चाय की व्यवस्था संभाली। लगभग 500 सेवा कार्यकतार्ओं ने श्रद्धालुओं की सेवा में योगदान दिया। बड़ी संख्या में पुलिस एवं प्रशासनिक कर्मी भी सुरक्षा एवं व्यवस्था में तैनात रहे।

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने सावन के तीसरे सोमवार की व्यवस्थाओं के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम, मंदिर परिवार, श्रृंगार सेवा समिति, सभी सेवा समितियों, स्वयंसेवकों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की प्रतिष्ठा और गौरव विश्वभर में बढ़ रहा है।

सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के इस दिव्य संयोग पर दूधेश्वरनाथ मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, भगवान दूधेश्वर का भव्य श्रृंगार और दिन-रात चली सेवा ने इस पावन अवसर को अविस्मरणीय बना दिया।