पायनियर समाचार सेवा। गाजियाबाद
मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव में आवारा कुत्तों के झुंड के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए 4 वर्षीय मासूम की इलाज के दौरान मौत हो गई। 12 अगस्त को कुत्तों ने मासूम पर हमला किया था। गंभीर हालत में उसे पहले एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया। 16 अगस्त की सुबह इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया।
मासूम बच्चे की मौत पर बोले गाजियाबाद नसांसद अतुल गर्ग ने घटना बहुत ज्यादा दर्दनाक है और स्ट्रीट कुत्तों के आतंक और बच्चो और लोगों को काटने की चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देशभर में लगातार स्ट्रीट कुत्तों के काटने की बहुत ज्यादा घटनाएं सामने आ रही हैं। कोई दिन ऐसा नहीं जाता, जब आवारा कुत्तों के हमले की घटना सामने न आए।
सांसद अतुल गर्ग बोले जब उन्होंने आवारा कुत्तों के आतंक के खिलाफ आवाज उठाई थी, तब डॉग लवर्स ने उनके खिलाफ अभियान चलाकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा कि यदि लोग कुत्तों से इतना प्रेम करते हैं तो उनकी जिम्मेदारी भी लें और उन्हें अपने घर में रखें। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाया जाता है, लेकिन जब यही कुत्ते लोगों पर हमला करते हैं तो जिम्मेदारी लेने के लिए कोई आगे नहीं आता। हालांकि, सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका कहना है कि सभी आवारा कुत्ते एक जैसे नहीं होते।
सांसद अतुल गर्ग ने कहा कि वह इस मामले में वकीलों से सलाह करेंगे और जरूरत पड़ी तो प्रकरण को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे, ताकि आवारा कुत्तों के आतंक के मामले में जवाबदेही तय हो सके। उन्होंने कहा कि वह प्रदेश के नगर निकाय मंत्री को भी पत्र लिखेंगे और स्थानीय निकायों से इस मामले में जवाब मांगेंगे। पीड़ित परिवार से मुलाकात के सवाल पर अतुल गर्ग ने कहा कि उनका मन है कि वह परिवार से मिलें, लेकिन अभी वह इस पर विचार करेंगे। पीड़ित परिवार मसूरी क्षेत्र में रहता है।
मासूम की मौत ने एक बार फिर शहर और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की समस्या तथा उनकी रोकथाम को लेकर नगर निकायों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।