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लखनऊ में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, US नागरिकों से करोड़ों की ठगी का आरोप; 16 लोग हिरासत में

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर के जरिए कथित तौर पर विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। अलीगंज पुलिस ने कपूरथला इलाके में कार्रवाई करते हुए एक कथित फर्जी कॉल सेंटर…

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लखनऊ में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, US नागरिकों से करोड़ों की ठगी का आरोप; 16 लोग हिरासत में

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर के जरिए कथित तौर पर विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। अलीगंज पुलिस ने कपूरथला इलाके में कार्रवाई करते हुए एक कथित फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। पुलिस के मुताबिक, यहां से US नागरिकों को निशाना बनाकर ठगी किए जाने का आरोप है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर से जुड़े कुल 16 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें 12 युवक और 4 युवतियां शामिल हैं। मौके से ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों और कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों के बरामद होने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।

कपूरथला में चल रहा था कथित फर्जी कॉल सेंटर

जानकारी के मुताबिक, अलीगंज थाना क्षेत्र के कपूरथला इलाके में यह कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। पुलिस को यहां से विदेशी नागरिकों को फोन किए जाने और कथित तौर पर उन्हें अलग-अलग तरीकों से ठगी का शिकार बनाने की जानकारी मिली थी।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान कॉल सेंटर में मौजूद लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का संचालन कौन कर रहा था और इसमें और कितने लोग शामिल हैं।

US नागरिकों से करोड़ों की ठगी का आरोप

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि गिरोह पर US नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है। हालांकि, ठगी की वास्तविक रकम, पीड़ितों की संख्या और पूरे नेटवर्क की कमाई का सटीक आंकड़ा पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से उनके काम करने के तरीके, विदेशी नागरिकों का डेटा कहां से हासिल किया जाता था और ठगी के बाद रकम किस माध्यम से हासिल की जाती थी, जैसे सवालों पर पूछताछ कर रही है।

ठगी के उपकरण और दस्तावेज बरामद

कार्रवाई के दौरान पुलिस को कॉल सेंटर से कथित तौर पर ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण और दस्तावेज मिले हैं। बरामद सामान की जांच की जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों से पुलिस को गिरोह के नेटवर्क और उसके संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कॉल सेंटर में काम करने वाले लोगों की भूमिका क्या थी और उन्हें किस तरह विदेशी नागरिकों से संपर्क करने के लिए प्रशिक्षित किया गया था।

12 युवक और 4 युवतियां हिरासत में

पुलिस कार्रवाई के बाद 12 युवक और 4 युवतियों समेत कुल 16 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सभी से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनमें से कौन लोग सीधे तौर पर कॉलिंग से जुड़े थे और नेटवर्क के संचालन में किसकी क्या भूमिका थी।

यह कार्रवाई अलीगंज इंस्पेक्टर ध्रुव कुमार सिंह, कपूरथला चौकी इंचार्ज और चांदगंज चौकी इंचार्ज शिवम पांडे की संयुक्त टीम द्वारा की गई।

पुलिस खंगाल रही पूरे नेटवर्क की कड़ियां

फर्जी कॉल सेंटर के खुलासे के बाद पुलिस अब इसके पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेजों की जांच के जरिए संभावित पीड़ितों, कॉलिंग डेटा और पैसों के लेन-देन से जुड़े सुराग जुटाए जा रहे हैं।

फिलहाल पुलिस की पूछताछ और जांच जारी है। ठगी की कुल रकम, गिरोह के मास्टरमाइंड और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में तस्वीर जांच आगे बढ़ने के बाद और स्पष्ट हो सकती है।

लेखक

Rashmi Singh

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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