हार नहीं मानी, इतिहास बना दिया, डेकाथलॉन में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने तेजस्विन

ग्लास्गो। चार दिन पहले तक भारतीय एथलीट तेजस्विन शंकर की आंखों में निराशा के आंसू थे। ऊंची कूद स्पर्धा में पुरानी घुटने की चोट उभरने के कारण उन्हें बीच प्रतियोगिता से हटना पड़ा और उनका राष्ट्रमंडल खेल अभियान खत्म होता नजर आ रहा था। लेकिन शुक्रवार को उसी खिलाड़ी ने डेकाथलॉन में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 27 वर्षीय तेजस्विन राष्ट्रमंडल खेलों की डेकाथलॉन स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए।

पदक जीतने के बाद मिक्स्ड जोन में पहुंचे तेजस्विन ने मुस्कुराते हुए कहा, दोस्तों, आज मैं नहीं रोऊंगा। यह मुस्कान चार दिन पहले के उस दर्द के बिल्कुल विपरीत थी, जब चोट के कारण उन्हें ऊंची कूद से बाहर होना पड़ा था। बर्मिंघम 2022 में इसी स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले तेजस्विन इस बार भी पदक के प्रबल दावेदार थे, लेकिन पहले ही प्रयास में चोट उभर आने से उनके सारे सपने टूटते नजर आए।

तेजस्विन ने बताया कि उस समय उन्हें लगा था कि उनका पूरा साल बर्बाद हो गया है। उन्हें यह भी डर था कि राष्ट्रमंडल खेलों के साथ-साथ एशियाई खेलों की उम्मीदें भी खत्म हो जाएंगी। उन्होंने स्वीकार किया कि अगर उस समय उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिलता, तो शायद वह प्रतियोगिता छोड़ने का फैसला कर लेते।

ऐसे मुश्किल दौर में लंबी कूद के स्टार खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर उनके लिए सबसे बड़ा सहारा बने। गंभीर चोटों से वापसी कर चुके श्रीशंकर ने उन्हें सलाह दी कि पूरे डेकाथलॉन के बारे में सोचने के बजाय केवल अगली स्पर्धा पर ध्यान दें। उन्होंने कहा, “पहले 100 मीटर दौड़ो, शरीर ठीक लगे तो आगे बढ़ना, नहीं तो वहीं रुक जाना।

तेजस्विन ने बताया कि श्रीशंकर की यही सलाह पूरे मुकाबले के दौरान उनके दिमाग में गूंजती रही और उसी ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखा। उन्होंने कहा कि उनकी इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे श्रीशंकर का बहुत बड़ा योगदान है और वह दृढ़ता की सबसे बड़ी मिसाल हैं।

ऊंची कूद में कांस्य पदक जीतने के बाद अब डेकाथलॉन में भी पदक हासिल कर तेजस्विन ने भारतीय एथलेटिक्स में नया अध्याय जोड़ दिया। अपनी उपलब्धि पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “ये दिल मांगे मोर… मैं खुद को लगातार आगे बढ़ाना चाहता हूं। अगर और बेहतर कर सकता हूं तो रुकने का कोई कारण नहीं है।

Senior Sports Reporter Pioneer Hindi

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