पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। शहर में बुधवार को मिलाद-उन-नबी (बारावफात) के अवसर पर भव्य जुलूस निकाला गया। जहां कड़ी सुरक्षा के बिच जुलूस की शुरुआत अमीनाबाद स्थित झंडे वाली पार्क से होते हुए ऐशबाग ईदगाह पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ। हजारों की संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए। हाथों में झंडे लिए लोगों ने धार्मिक नारे लगाते हुए पूरे उत्साह के साथ जुलूस में हिस्सा लिया। वहीं सुरक्षा को लेकर पुलिस बल तैनात रहा और सुचारू व्यवस्था यातायात में बदलाव किया गया।

जुलूस अमीनाबाद स्थित झंडे वाली पार्क से शुरु हुआ। जहां लोग जुलूस के शुरू होने से पहले ही इकट्ठा होने लगे थे। हरे और सफेद झंडों के साथ हजारों लोग, सफेद कपड़ों में सजे हुए, सड़कों पर नजर आए। जुलूस झंडे वाली पार्क से निकलकर मौलवीगंज, याहियागंज और नक्खास पहुंचा। जहां लोगो ने धार्मिक नारे लगाए, जो गूँजती आवाजें तंग गलियों में सुनाई दे रही थीं। वहां से उन्होंने अपनी यात्रा टोरियागंज की ओर जारी रखी। इसके अलावा स्थानीय निवासियों और संगठनों ने जगह-जगह स्थानों पर पंडाल लगाए हुए थे। जहां लोगों को तबर्रूक बाटे जा रहे थे।
लोगों को तबर्रूक में बालूशाही, इमरती, पानी और ताज़े जूस आदी देते हुए देखा गया। जुलूस के मार्ग पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के चलते पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। वहीं जुलूस को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। जुलूस के पूरे मार्ग पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया गया। पुलिसकर्मी जुलूस के दौरान लगातार निगरानी करते रहे।
वहीं जुलूस के कारण शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किए। यातायात कर्मियों को प्रमुख चौराहों और जुलूस के मार्ग पर तैनात किया गया, ताकि वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखा जा सके। प्रशासन ने जुलूस के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी पूरे जुलूस मार्ग पर सक्रिय रहे।