अब दूर होगी बिजली बिल बढ़ने की शिकायत, घर पर लगेगा चेक मीटर: अधीक्षण अभियंता

महराजगंज के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब न तो बढ़े बिजली बिल ठीक कराने के लिए उपभोक्ताओं को आफिसों का चक्कर लगाना पड़ेगा और न ही किसी की सिफारिश करनी पड़ेगी। मात्र एक आवेदन पर उनके बिजली बिल की गड़बड़ी की जांच शुरू हो जाएगी। चेक मीटर के जरिए उपभोक्ताओं के समस्याओं त्वरित समाधान होगा। इसके लिए बिजली विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। पहले आओ और पहले लाभ पाओ, की तर्ज पर बिजली बिल की समस्याएं समाप्त कर दी जाएंगी। उक्त बातें बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता ई, राकेश मोहन ने कही। उन्होंने कहा कि अब उपभोक्ता घर बैठे ही व्हाट्सएप, ट्विटर और ई-मेल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराकर अपने मीटर की जांच करा सकेंगे। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि इसके लिए निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद उपभोक्ता के घर में लगे स्थायी मीटर के साथ एक माह तक चेक मीटर लगाया जाएगा। दोनों मीटरों की रीडिंग का मिलान कर यह पता लगाया जाएगा कि स्थायी मीटर सही चल रहा है अथवा नहीं। उसमें कोई तकनीकी खामी है। इसकी सटीक जानकारी मिल सकेगी।
*चेक मीटर के लिए जमा होगा शुल्क*
अधीक्षण अभियंता ई, राकेश मोहन ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं की अक्सर शिकायत रहती है कि उनका मीटर सामान्य खपत के बावजूद अधिक रीडिंग दिखा रहा है। जिससे बिजली बिल ज्यादा आ रहा है। ऐसी शिकायतों के समाधान के लिए निगम ने चेक मीटर लगाने की व्यवस्था की है। इसके तहत सिंगल फेज कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को 50 रुपये और ट्रिपल फेज कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को 150 रुपये शुल्क देना होगा। शुल्क जमा होने के बाद संबंधित परिसर में चेक मीटर लगाया जाएगा, जो पुराने मीटर के साथ संचालित होगा। एक माह बाद दोनों मीटरों की रीडिंग का मिलान किया जाएगा। यदि जांच में पुराने मीटर के तेज चलने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार उसे बदलने की कार्रवाई की जाएगी।
*खंड कार्यालय के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत*
पहले मीटर तेज चलने की शिकायत पर उपभोक्ताओं को खंड कार्यालय में आवेदन करना पड़ता था। इसके बाद संबंधित मीटर को निकालकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता था। मीटर में तकनीकी खामी मिलने पर ही उसे बदलने की प्रक्रिया शुरू होती थी। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था। चेक मीटर की व्यवस्था से उपभोक्ताओं को इस लंबी प्रक्रिया से राहत मिलने की उम्मीद है। अब खंड कार्यालय पहुंचकर आवेदन देने के साथ ही संबंधित अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर व्हाट्सएप संदेश भेजकर, ई-मेल के माध्यम से या ट्विटर पर शिकायत कर चेक मीटर लगवाने का अनुरोध किया जा सकता है।
*एक माह की जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति*
अधीक्षण अभियंता ई, राकेश मोहन ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं को अपना बिजली मीटर तेज चलने की शिकायत है, वे चेक मीटर लगवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद एक माह तक दोनों मीटरों की रीडिंग की जांच की जाएगी। इससे मीटर की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि जांच में मीटर तेज चलता पाया गया तो उसे नियमानुसार बदलने की कार्रवाई की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करना और बिजली बिल को लेकर उनकी परेशानियां दूर करना है।



