नवरात्रि पर CM योगी का संदेश: ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ से साकार होगा विकसित प्रदेश का सपना

लखनऊ, 11 अक्टूबर। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ की भावना के अनुरूप महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के 50 फीसदी से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं, जो बदलते उत्तर प्रदेश में नारी शक्ति की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने उपद्रव प्रदेश की छवि से आगे बढ़कर उत्सव प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उनके मुताबिक, महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने की दिशा में सरकार ने लगातार प्रयास किए हैं।
घर की चौखट से कार्यस्थल तक बढ़ा महिलाओं का दायरा
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बेटियों के लिए घर से बाहर निकलना भी कई बार चुनौतीपूर्ण होता था, लेकिन अब वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाएं न केवल रोजगार प्राप्त कर रही हैं, बल्कि उद्यमिता और स्टार्टअप की दुनिया में भी अपनी पहचान बना रही हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश के 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व नारी शक्ति के हाथों में होना महिला उद्यमियों की क्षमता और बढ़ते आत्मविश्वास का संकेत है। उन्होंने महिला कार्यबल की भागीदारी 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक होने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह महिलाओं के लिए बढ़ते अवसरों और आर्थिक गतिविधियों में उनकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
योजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा को बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं महिलाओं के जीवन के अलग-अलग चरणों में सहायता देने का काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान माताओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण को मजबूत करने पर केंद्रित हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देती हैं।
इसके अलावा, मिशन शक्ति और सेफ सिटी जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है। ऑपरेशन कायाकल्प और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जैसी पहलें शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों का हिस्सा हैं।
कामकाजी महिलाओं के लिए भी सुविधाओं पर जोर
सीएम योगी ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर वर्किंग वुमन हॉस्टल जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। इनका उद्देश्य महिलाओं और बेटियों की शिक्षा, आवागमन, सुरक्षित आवास और आत्मनिर्भरता से जुड़ी जरूरतों को समर्थन देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनका लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराना भी जरूरी है। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवारों की स्थिति मजबूत होती है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है।
विकसित भारत के लक्ष्य में नारी शक्ति की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ का संकल्प प्रदेश को विकास के नए आयामों तक ले जाने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने नारी सम्मान और सशक्तीकरण को विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि महिलाओं को समान अवसर, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
नवरात्रि के अवसर पर मुख्यमंत्री का संदेश इस बात पर केंद्रित रहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना समावेशी विकास की कल्पना अधूरी है। शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और सुरक्षा के क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने के प्रयास प्रदेश की विकास यात्रा को नई दिशा दे सकते हैं।



