चौड़ीकरण के बीच गड्ढों में तब्दील स्टेट हाईवे, हादसों को दे रहा दावत
सड़क के दोनों ओर चल रहा निर्माण कार्य, बीच में गड्ढे बरकरार, सुरक्षा के इंतजाम भी नदारद

मिर्जापुर /शाहजहांपुर । मुरादाबाद-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। एक तरफ सड़क के दोनों किनारों पर चौड़ीकरण का कार्य कराया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बीच सड़क में बने जानलेवा गड्ढों को भरने की जहमत तक नहीं उठाई जा रही है। हैरत की बात यह है कि निर्माण कार्य के दौरान राहगीरों की सुरक्षा के लिए न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं। ऐसे में हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालक हर समय हादसे के खतरे से जूझ रहे हैं।
जरियनपुर तिराहे से थाने तक तथा कलान कस्बे में हाईवे की हालत सबसे अधिक खराब है: जगह-जगह बने गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन गए हैं। इन गड्ढों में गिरकर कई बाइक सवारों के हाथ-पैर टूट चुके हैं। बीते 29 सितंबर को जरियनपुर तिराहे पर ई-रिक्शा पलटने से उसमें सवार कई यात्री घायल हो गए थे। इसी दौरान गड्ढे में पहिया जाने से एक ट्रक बुरी तरह एक ओर झुक गया था। गनीमत रही कि बड़ा हादसा टल गया।
हादसे के बाद विभाग ने गड्ढों में पत्थर और मिट्टी डलवाकर अस्थायी मरम्मत करा दी थी, लेकिन तारकोल का प्रयोग न होने से महज पंद्रह दिन में गड्ढे दोबारा उभर आए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग हर बार शिकायत और हादसे के बाद केवल खानापूर्ति कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है।
घटिया पत्थर लगाने की शिकायत, जांच के आदेश:मुरादाबाद-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे (एसएच-43) के निर्माण कार्य में घटिया पत्थर लगाकर सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं।
बरेली निवासी शशिकांत ने उच्चाधिकारियों से शिकायत कर आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में उत्तराखंड के लालकुआं क्रेशर से पत्थर न मंगाकर राजस्थान, मध्यप्रदेश व झांसी की घटिया गिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है। शिकायत में पत्थर की दरों में भारी अंतर दिखाकर ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है।
मामले में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय, बरेली वृत्त ने जांच के निर्देश दिए थे। इसके तहत 24 सितंबर को सुबह 11 बजे जांच निर्धारित की गई थी। संबंधित अधिकारियों को अभिलेखों सहित उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे।
बरेली से आई टीम का कहना है कि हमने सैंपल लेकर लैब में टेस्टिंग के लिए भेज दिए हैं आगे की कार्यवाही रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।
चौड़ीकरण में गुणवत्ता पर सवाल, सड़क पर बिखरी गिट्टी
ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे चौड़ीकरण में बिछाई गई गिट्टी अभी से उखड़कर सड़क पर फैलने लगी है। इससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है। वहीं निर्माण कार्य में लगे कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें केवल चौड़ीकरण का काम दिया गया है, गड्ढे भरना उनकी जिम्मेदारी नहीं है। सवाल यह है कि जब सड़क पर निर्माण कार्य चल रहा है तो बीच में बने गड्ढों को आखिर किसके भरोसे छोड़ा गया है? ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने के साथ गड्ढों की तत्काल मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम कराने की मांग की है।
दो लेयर पड़ने के बाद खत्म होंगे गड्ढे: एक्सईएन
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रथिन सिन्हा ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा होने के बाद लगभग दस दिन में सड़क पर दो और लेयर डाली जाएंगी। इसके बाद सड़क पर बने सभी गड्ढे पूरी तरह बंद हो जाएंगे।



