केर्न-वेदांता की पहल: हजारीगांव से गैस उत्पादन बढ़ाकर देश को ऊर्जा मजबूती

नई दिल्ली। ऐसे समय में जब वैश्विक अनिश्चितताएं और भू-राजनीतिक चुनौतियां ऊर्जा सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के केंद्र में ला रही हैं, वेदांता ऑयल एंड गैस की केर्न असम के उत्तर-पूर्व स्थित अपने हजारीगांव क्षेत्र से भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। भारत में तेल एवं गैस उत्पादन बढ़ाने पर केंद्रित यह कंपनी देश के संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर एक मजबूत और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

इस महीने कंपनी ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपने हजारीगांव परिसंपत्ति में एक्सटेंडेड वेल टेस्टिंग (EWT) के दौरान प्रतिदिन 1,78,361 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस उत्पादन का अब तक का सर्वोच्च स्तर दर्ज किया। यह उपलब्धि उत्तर-पूर्व क्षेत्र से उत्पादन बढ़ाने की इस परिसंपत्ति की क्षमता को दर्शाती है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस क्षेत्र ने EWT के दौरान औसतन लगभग 1,02,000 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन गैस उत्पादन बनाए रखा, जो इसके निरंतर और स्थिर प्रदर्शन को दर्शाता है। लगभग 20 लाख बैरल ऑयल समतुल्य (boe) / 11.76 बिलियन क्यूबिक फीट (BCF) गैस की अनुमानित रिकवरी क्षमता के साथ यह क्षेत्र भारत की घरेलू ऊर्जा आवश्यकताओं में महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता रखता है।

उत्तर-पूर्व के लिए हाइड्रोकार्बन विजन 2030 कंपनी के प्रयासों का मार्गदर्शन करता है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र की विशाल ऊर्जा क्षमता का दोहन करना और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है। अपने डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड्स (DSF) ब्लॉक के माध्यम से केर्न क्षेत्र के उभरते ऊर्जा परिदृश्य में एक प्रमुख भागीदार बनकर उभरी है। असम गैस कंपनी लिमिटेड (AGCL) के साथ मजबूत सहयोग के बल पर उत्तर-पूर्व में गैस का व्यावसायीकरण करने वाली पहली कंपनी के रूप में केर्न ने गैस-आधारित अर्थव्यवस्था की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस क्षेत्र से होने वाला गैस उत्पादन विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। वर्ष 2023 से AGCL के माध्यम से चाय बागानों को गैस की आपूर्ति की जा रही है, जिससे कोयले के स्थान पर स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिला है। इसके अलावा यह गैस गुवाहाटी में संचालित 100 सीएनजी बसों को ऊर्जा प्रदान कर राज्य के स्वच्छ परिवहन प्रयासों को समर्थन दे रही है। EWT के दौरान केर्न, AGCL के माध्यम से नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) को कैप्टिव पावर उत्पादन के लिए गैस की आपूर्ति भी जारी रखे हुए है, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक ऊर्जा पहुंच और मजबूत हुई है।

केर्न जिम्मेदार संचालन के प्रति प्रतिबद्ध है और शून्य नियमित गैस फ्लेयरिंग तथा संसाधनों के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करती है। चाय बागानों के समर्थन से लेकर स्वच्छ परिवहन और उद्योगों को ऊर्जा उपलब्ध कराने तक, असम में कंपनी का कार्य सतत प्रगति को दर्शाता है। प्रोटेक्ट, प्रिजर्व, प्रोड्यूस” की अपनी कार्यदृष्टि के अनुरूप केर्न जिम्मेदारीपूर्वक ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ समावेशी और सतत भविष्य के निर्माण की दिशा में कार्यरत है।

दिल्ली | लखनऊ | रायपुर
आधिकारिक हिंदी समाचार सेवा”
“हर दिन नया मुद्दा, नई सोच और निष्पक्ष खबरों के साथ,
The Hindi Pioneer — सच के साथ।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *