पायनियर समाचार सेवा। नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर स्थित वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘SASHAKT – Financially Aware, Financially Empowered’ वित्तीय साक्षरता अभियान का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह के अवसर पर आयोजित Valedictory Session में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। समापन समारोह में मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डी.एस. रावत तथा विशिष्ट अतिथि परिसर निदेशक प्रो. नीता बोरा शर्मा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के प्रायोजक डॉ. प्रमोद अग्रवाल ‘गोल्डी’ भी मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रितिशा शर्मा ने किया। मुख्य अतिथि प्रो. डी.एस. रावत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जीवन में निरंतर परिश्रम, धैर्य और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। उन्होंने प्रेरक पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा— “गिरना भी अच्छा है, औकात का पता चलता है; बढ़ते हैं जब हाथ उठाने को, अपनों का पता चलता है।” उन्होंने कहा कि जीवन में गिरना और असफल होना भी सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। यदि विद्यार्थी अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए दिन-रात मेहनत करते हुए निरंतर प्रयासरत रहेंगे, तो वे जीवन में निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करेंगे। विशिष्ट अतिथि प्रो. नीता बोरा शर्मा ने वित्तीय साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि केवल धन अर्जित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अर्जित धन का सही उपयोग, उचित प्रबंधन, बचत और विवेकपूर्ण निवेश करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वित्तीय रूप से जागरूक युवा ही भविष्य में मजबूत और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए आयोजकों को बधाई दी।

कार्यक्रम के प्रायोजक डॉ. प्रमोद अग्रवाल ‘गोल्डी’ ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान वाणिज्य विभाग से जुड़ी अपनी पुरानी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि वे स्वयं इसी विभाग के बी.कॉम. एवं एम.कॉम. में टॉपर रहे हैं। विभाग में बिताए अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि आज विद्यार्थियों के बीच आकर उन्हें अपने पुराने दिनों की याद ताजा हो गई। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखते रहने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने बी.कॉम. एवं एम.कॉम. के टॉपर विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक (Gold Medal) प्रदान करने की घोषणा भी की। उनकी इस घोषणा का विद्यार्थियों एवं विभागीय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इसके बाद कुलपति प्रो. डी.एस. रावत द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान विधि भंडारी (एम.एससी. गणित प्रथम सेमेस्टर), द्वितीय स्थान अंजलि चंद्रा (बी.एससी. तृतीय सेमेस्टर) तथा तृतीय स्थान पूजा पांडे (बी.कॉम. स्पेशलाइजेशन तृतीय सेमेस्टर) ने प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार चयनिका दुमका (बी.ए. तृतीय सेमेस्टर) को प्रदान किया गया। पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रोशनी (बी.एफ.ए. पंचम सेमेस्टर), द्वितीय स्थान दिव्या (बी.कॉम. प्रथम सेमेस्टर) तथा तृतीय स्थान सागर सरकार (बी.एफ.ए. पंचम सेमेस्टर) ने प्राप्त किया। क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान दीपांशु पालिवाल, तमन्ना बफीला एवं काव्या सिंह सैनी (बी.एससी.) की टीम ने, द्वितीय स्थान विवेक, कृष्ण चंद्र एवं मनकरण की टीम ने तथा तृतीय स्थान सोनू कुमार, दीपांशु कुमार पंत एवं सिमरन की टीम ने प्राप्त किया। रील-मेकिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रियांशु आगरी (बी.कॉम. प्रथम सेमेस्टर) ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान दिव्यांका बिष्ट (बी.कॉम., बी.एड. तृतीय सेमेस्टर) एवं विनीता मनराल (बी.एससी., बी.एड. तृतीय सेमेस्टर) की टीम ने तथा तृतीय स्थान गुंजन फर्त्याल (बी.कॉम. प्रथम सेमेस्टर) ने प्राप्त किया। इस अवसर पर विभाग द्वारा प्रत्येक सेमेस्टर के मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। बी.कॉम. प्रथम सेमेस्टर में सर्वाधिक 7.27 SGPA प्राप्त करने पर योगेश तिवारी, बी.कॉम. तृतीय सेमेस्टर में 7.43 SGPA प्राप्त करने पर सानिया सिद्दीकी तथा बी.कॉम. षष्ठम सेमेस्टर में 7.74 SGPA प्राप्त करने पर संजना भगत को सम्मानित किया गया। संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष प्रो. अतुल जोशी ने सभी अतिथियों, प्रायोजक, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता विद्यार्थियों को आर्थिक रूप से जागरूक बनाने के साथ उन्हें भविष्य में विवेकपूर्ण वित्तीय निर्णय लेने, धन का उचित प्रबंधन करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए सक्षम बनाती है। उन्होंने अभियान की सफलता के लिए सभी सहयोगियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर प्रो. ललित तिवारी, प्रो. एच.सी.एस. बिष्ट, प्रो. राजीव उपाध्याय, प्रो. लज्जा भट्ट, डॉ. अनीता पंडित, डॉ. स्पर्श भट्ट, डॉ. अशोक उप्रेती, एल.डी. उपाध्याय, भूपाल करायत, डॉ. ममता जोशी, डॉ. जीवन उपाध्याय, डॉ. विनोद जोशी, डॉ. हिमानी जलाल, डॉ. तेज प्रकाश चंद्र, डॉ. पूजा जोशी, डॉ. मेराज, डॉ. ताबिश, अमनदीप कौर, हिमांशु बिष्ट, घनश्याम पालिवाल, बिशन चंद्र एवं राधा उपस्थित रहे।