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पिता को खोने के बाद मां ने हौसला दिया, बेटी ने नीट में रचा सफलता का इतिहास

मॉडर्न बीपी पब्लिक स्कूल के 20 से अधिक विद्यार्थियों ने नीट-2026 में पाई सफलता, चार ने लिए 458 से अधिक अंक कविता। फरीदाबाद 'ये जो शहतीर है पलकों पे उठा लो यारो, अब कोई ऐसा तरीका भी निकालो यारो... कैसे आकाश में…

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पिता को खोने के बाद मां ने हौसला दिया, बेटी ने नीट में रचा सफलता का इतिहास

मॉडर्न बीपी पब्लिक स्कूल के 20 से अधिक विद्यार्थियों ने नीट-2026 में पाई सफलता, चार ने लिए 458 से अधिक अंक

कविता। फरीदाबाद
‘ये जो शहतीर है पलकों पे उठा लो यारो, अब कोई ऐसा तरीका भी निकालो यारो… कैसे आकाश में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो। मशहूर शायर दुष्यंत कुमार की ये पंक्तियां संजय कॉलोनी स्थित मॉडर्न बीपी पब्लिक स्कूल के नीट-2026 में सफल विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में उस समय जीवंत हो उठीं, जब संघर्ष और मेहनत से सफलता की नई कहानी लिखने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इनमें भूमिका की सफलता ने सभी को भावुक कर दिया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेंद्र परमार ने बताया कि नीट-2026 में विद्यालय के 20 से अधिक विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है। इनमें चार विद्यार्थियों ने 458 से अधिक अंक प्राप्त किए। और दो विद्यार्थियों ने देश केे नामचीन कॉलेजों में दाखिला लिया है। बाकि सभी ने 720 अंक वाली श्रेणी में स्थान बनाया है। उन्होंने बताया कि प्रिंस ने 620 अंक हासिल कर एम्स ऋषिकेश में स्थान प्राप्त किया है। वहीं भूमिका ने 602 अंक हासिल कर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज, फरीदाबाद में प्रवेश पाया है। निहारिका ने 520 अंक और वर्षा ने 458 अंक हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया है।

मृतक हवलदार की बेटी
भूमिका की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उसने विपरीत परिस्थितियों के बीच यह मुकाम हासिल किया है। कोविड महामारी के दौरान वर्ष 2021 में उसके पिता का निधन सेना में हो गया था। वह सेना में हवलदार के पद पर तैनात थे। पिता के निधन के बाद उनकी मां सुनीता ने अकेले अपने दोनों बच्चों की परवरिश की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। मां के संघर्ष और बेटी की मेहनत ने अब सफलता का ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिस पर पूरा परिवार गौरवान्वित है। उसने बिना कोचिन केे ये मुकाम हासिल किया है। भूमिका और उसकी मां सुनीता ने बताया कि वर्ष 2021 में पिता के निधन के बाद जिम्मेदारियां बढ़ गई थीं। ऐसे कठिन समय में भूमिका ने पढ़ाई के प्रति अपना समर्पण और बढ़ा दिया। प्रधानाचार्य और शिक्षकों के निरंतर सहयोग ने भी उसे आगे बढ़ने का अवसर दिया। नीट में सफलता और सम्मान मिलने पर मां की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए।

सम्मान समारोह में पहुंचे पार्षदों ने सफल विद्यार्थियों को शील्ड देकर सम्मानित किया और उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। विद्यालय के चेयरमैन ओपी परमार ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रधानाचार्य जितेंद्र परमार ने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता केवल विद्यालय की उपलब्धि नहीं, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। नीट में 20 से अधिक विद्यार्थियों की सफलता ने विद्यालय के शैक्षणिक स्तर को नई पहचान दी है।