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गोरखपुर में अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

एसटीएफ को मिली बड़ी कामयाबी, चार .32 बोर पिस्टल, चार मैगजीन, एक .32 बोर रिवॉल्वर, पांच जिंदा कारतूस, एक बाइक, एक स्कूटी, दो मोबाइल और नकद बरामद पायनियर समाचार सेवा लखनऊ। एसटीएफ ने अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध असलहों की तस्करी करने वाले…

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गोरखपुर में अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

एसटीएफ को मिली बड़ी कामयाबी, चार .32 बोर पिस्टल, चार मैगजीन, एक .32 बोर रिवॉल्वर, पांच जिंदा कारतूस, एक बाइक, एक स्कूटी, दो मोबाइल और नकद बरामद

पायनियर समाचार सेवा

लखनऊ। एसटीएफ ने अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध असलहों की तस्करी करने वाले कथित गिरोह के पांच सदस्यों को गोरखपुर में गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने कब्जे से चार .32 बोर पिस्टल, चार मैगजीन, एक .32 बोर रिवॉल्वर, पांच जिंदा कारतूस, एक बाइक, एक स्कूटी, दो मोबाइल और 1,250 रुपए नकद बरामद किया। एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही ने बताया कि यह नेटवर्क मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंदुआ और हरियाणा के सोनीपत से अवैध पिस्टल लाकर पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में सप्लाई करता था।

गिरोह कथित तौर पर गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज और संतकबीरनगर समेत कई जिलों में स्थानीय स्तर पर अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था। जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी हथियारों के खरीदारों से संपर्क करते थे। वहीं पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम श्रेयांश यादव उर्फ बबलू, अजीत यादव, अभिषेक गौड़ उर्फ भेली, अभिषेक प्रजापति उर्फ अभी और राहुल गुप्ता बताया। जहां एसटीएफ ने 14 सितंबर रात करीब 10:20 बजे गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र में पैडलेगंज से मोहद्दीपुर जाने वाली सड़क पर विंध्यवासिनी पार्क के पास से गिरफ्तार किया। इसके अलावा पूछताछ में आरोपियों ने पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में करीब 100 से 150 अवैध पिस्टलों की बिक्री या आपूर्ति किए जाने की जानकारी दी है।

एसटीएफ के मुताबिक, मुख्य आरोपी श्रेयांश यादव पहले भी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में अवैध हथियारों की तस्करी के मामलों में जेल जा चुका है। महाराष्ट्र के मुंबई में दर्ज एक मामले में श्रेयांश समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी सात पिस्टल और 21 कारतूस के साथ किए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं श्रेयांश और उसके एक कथित सहयोगी के बड़वानी, मध्य प्रदेश में भी हथियार तस्करी के मामले में जेल जाने की बात सामने आई है। एसटीएफ ने यह भी दावा किया है कि गिरोह ने पूर्वांचल में कुछ लोगों को हथियार उपलब्ध कराए गए थे और इनमें से कुछ हथियारों का इस्तेमाल आपराधिक घटनाओं में किए जाने की जानकारी मिली है।

साथ ही कैंपियरगंज और संतकबीरनगर के खलीलाबाद में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामलों में बरामद पिस्टलों का संबंध भी इसी नेटवर्क से होने की जांच की जा रही है। जहां गोरखनाथ थाना क्षेत्र में चर्चित राजकुमार चौहान हत्याकांड में इस्तेमाल हथियार उपलब्ध कराने में भी इसी गिरोह की कथित भूमिका की जांच की जा रही है। एसटीएफ ने पूछताछ के आधार पर कुछ अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आने की बात कही है। इनमें मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से जुड़े लोग शामिल हैं।

एसटीएफ गिरोह के स्थानीय नेटवर्क और हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। एसटीएफ ने यह भी दावा किया है कि गिरोह के कुछ सदस्यों के कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई और अन्य आपराधिक नेटवर्क से संपर्क की जानकारी मिली है। इन दावों की विस्तृत जांच की जा रही है। इसके अलावा गिरफ्तार पांचों आरोपियों के खिलाफ गोरखपुर के कैंट थाने में आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं और बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।