एक सप्ताह में डॉक्टरों और करीब 45 स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती के बाद शुरू होगा काम, लेबर रूम की सुविधा पहले ही शुरू
कविता। फरीदाबाद
मेवला महाराजपुर स्थित शहरी स्वास्थ्य केंद्र ने अपनी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई और मरीजों के लिए बनाए गए खुशनुमा माहौल के बाद अब विस्तार की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने की तैयारी कर ली है। शहरी स्वास्थ्य केंद्र से एफआरयू-3 के रूप में विकसित हुआ मेवला महाराजपुर का यह स्वास्थ्य केंद्र अब सब डिविजनल अस्पताल बनने जा रहा है। अस्पताल को नए स्वरूप में विकसित करने की घोषणा हो चुकी है और अगले एक सप्ताह में चिकित्सकों तथा करीब 45 स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती होते ही विस्तार का काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को अपने घर के नजदीक ही पहले से कहीं अधिक व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
एफआरयू-3 मेवला महाराजपुर की एसएमओ डॉ. मीनाक्षी ने बताया कि अस्पताल में लेबर रूम की सुविधा शुरू हो चुकी है। अब चिकित्सकों के साथ 17 स्टाफ नर्स, दो वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी और करीब 45 स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की जा रही है। उन्होंने बताया कि नई टीम के अस्पताल में पहुंचते ही सब डिविजनल अस्पताल के रूप में सेवाओं का विस्तार शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
50 मरीजों से 1000 तक पहुंची संख्या
मेवला महाराजपुर स्वास्थ्य केंद्र ने पिछले कुछ समय में मरीजों का भरोसा भी तेजी से जीता है। डॉ. मीनाक्षी के अनुसार, जब उन्होंने केंद्र की जिम्मेदारी संभाली थी, तब यहां प्रतिदिन करीब 50 मरीज उपचार के लिए आते थे। अब यह संख्या बढ़कर करीब 500 से 1000 मरीज प्रतिदिन तक पहुंच गई है। केंद्र में बाह्य रोगी विभाग, भर्ती की सुविधा, सर्जरी, हड्डी संबंधी सर्जरी, दंत चिकित्सा और चौबीस घंटे प्रसव जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। केंद्र की प्रयोगशाला में आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं, जिससे मरीजों को सामान्य जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। अमृता अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से चिकित्सकों की कमी भी काफी हद तक दूर हुई है। अब नए स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती के बाद सेवाओं का दायरा और बढ़ाने की तैयारी है।
अस्पताल नहीं, बेहतर माहौल देने की कोशिश
मेवला महाराजपुर का एफआरयू-3 अपनी सुविधाओं के साथ-साथ साफ-सफाई और आकर्षक वातावरण के कारण भी चर्चा में रहा है। केंद्र को हरियाणा के सर्वश्रेष्ठ अस्पताल का पुरस्कार मिल चुका है। प्रवेश करते ही मां सरस्वती की प्रतिमा, चारों तरफ हरियाली, स्वच्छ परिसर, सोफा-कुर्सियां, आकर्षक चित्र, पर्दे और दीवारों पर सुंदर सजावट मरीजों को सामान्य अस्पतालों से अलग माहौल का एहसास कराती है। मरीजों और उनके परिजनों के तनाव को कम करने के लिए केंद्र में मधुर संगीत की व्यवस्था भी की गई है। मरीजों और कर्मचारियों के लिए वातानुकूलित कमरों के अलावा अलग-अलग श्रेणी के शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। डॉ. मीनाक्षी के अनुसार, केंद्र को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर करीब 10 लाख रुपये खर्च किए हैं। सोफा, पौधे, चित्र, पर्दे और अन्य सजावटी सामान उन्होंने स्वयं उपलब्ध कराए। इसमें समाजसेवियों का सहयोग भी मिला।
17 सितंबर से सेवा संकल्प कार्यक्रम
डॉ. मीनाक्षी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से सेवा संकल्प कार्यक्रम की शुरुआत भी एफआरयू-3 मेवला महाराजपुर से की जाएगी। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री और विधायक करेंगे। इसके माध्यम से लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और उन्हें उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने पर जोर रहेगा। उन्होंने कहा कि सब डिविजनल अस्पताल बनने के बाद यहां चिकित्सा सेवाओं में व्यापक विस्तार होगा। भविष्य में अपातकालीन सेवाएं, ऑपरेशन थियेटर, प्रयोगशाला, आयुष्मान, पीएनडीटी और लेबर रूम सहित अन्य सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। इससे जिला नागरिक अस्पताल पर मरीजों का दबाव कम होगा और मेवला महाराजपुर तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।