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कनक्लूसिव इंडिया पॉडकास्ट में हिमालयी महिलाओं की अनकही कहानी आई सामने

प्रेरणा सिंह पवार ने पलायन, रोजगार और स्वास्थ्य जैसी चुनौतियों पर रखे विचार स्थानीय जड़ी-बूटियों, ऊन और जैविक उत्पादों से महिला स्वावलंबन का मॉडल बताया पायनियर समाचार सेवा।देहरादून। हिमालयी क्षेत्र की महिलाओं के संघर्ष, चुनौतियों और आत्मनिर्भरता की प्रेरक गाथा अब देश-दुनिया…

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कनक्लूसिव इंडिया पॉडकास्ट में हिमालयी महिलाओं की अनकही कहानी आई सामने
  • प्रेरणा सिंह पवार ने पलायन, रोजगार और स्वास्थ्य जैसी चुनौतियों पर रखे विचार
  • स्थानीय जड़ी-बूटियों, ऊन और जैविक उत्पादों से महिला स्वावलंबन का मॉडल बताया

पायनियर समाचार सेवा।देहरादून। हिमालयी क्षेत्र की महिलाओं के संघर्ष, चुनौतियों और आत्मनिर्भरता की प्रेरक गाथा अब देश-दुनिया तक पहुंच रही है। ‘कनक्लूसिव इंडिया’ पॉडकास्ट के नवीनतम एपिसोड में पहाड़ की बेटी, सामाजिक उद्यमी और सामाजिक कार्यकर्ता प्रेरणा सिंह पवार ने हिमालयी महिलाओं के जीवन से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। पॉडकास्ट में प्रेरणा सिंह पवार ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाएं आज भी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, सीमित शिक्षा और रोजगार के अवसरों, स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव तथा लगातार बढ़ते पलायन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही हैं। इसके साथ ही तेजी से बढ़ते व्यावसायीकरण और निर्माण कार्यों के कारण पहाड़ों के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद हिमालयी महिलाओं में अद्भुत क्षमता और आत्मबल है। यदि उन्हें स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान के आधार पर अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो वे आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की मजबूत आधारशिला बन सकती हैं।
पॉडकास्ट में स्व-संपोषणीय पारिस्थितिकी (सेल्फ सस्टेनिंग इकोलॉजी) की अवधारणा पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रेरणा सिंह पवार ने बताया कि स्थानीय जड़ी-बूटियों, ऊन, जैविक उत्पादों और पारंपरिक हस्तशिल्प को आधुनिक बाजार से जोड़कर महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए रास्ते तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की जेन-जी युवतियों को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर रोजगार और उद्यमिता के बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। पॉडकास्ट में यह भी रेखांकित किया गया कि पहाड़ की महिलाओं की कहानियां केवल संघर्ष की दास्तान नहीं हैं, बल्कि वे आत्मनिर्भरता, नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन का जीवंत उदाहरण भी हैं। यह एपिसोड हिमालयी महिलाओं के हौसले, जज्बे और आत्मविश्वास का दस्तावेज बनकर उभरा है। कनक्लूसिव इंडिया की ओर से बताया गया कि इस विशेष श्रृंखला का अगला भाग भी जल्द जारी किया जाएगा, जिसमें हिमालयी समाज और महिलाओं से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। यह एपिसोड यूट्यूब पर कनक्लूसिव इंडिया चैनल सहित विभिन्न प्रमुख पॉडकास्ट प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है और इसे श्रोताओं का सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है।