निरंतर कोशिश से निखरती है प्रतिभा : प्रधानमंत्री मोदी

एजेंसी। नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रात: एक्स पोस्ट में एक सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने इस सुभाषितम् में निरंतर कोशिश तथा लगन से प्रतिभा को और बेहतर बनाने पर प्रकाश डाला।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर संस्कृत श्लोक साझा किया, ‘न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते । तत्स्वयं योगसंसिद्ध: कालेनात्मनि विन्दति॥ इसका अर्थ है, इस संसार में ज्ञान के समान पवित्र करने वाला कुछ भी नहीं है। कर्मयोग या साधना के द्वारा जिसका अंत:करण भली-भांति शुद्ध हो गया है, वह साधक समय आने पर उस परम ज्ञान को अपने आप ही अपने भीतर आत्मा में अनुभव कर लेता है। उन्होंने कहा कि लगातार कोशिश और लगन से प्रतिभा निखरती होती है। आज हमारे युवा इन्हीं गुणों को अपना रहे हैं और दुनिया भर में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। यहां ज्ञान से ज्यादा पवित्र कुछ भी नहीं है। आत्म-साधना करने वाला योगी समय के साथ इसे अपने भीतर ही पा लेता है।

 

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