गोरखपुर जेल से कैदी के फरार होने का मामला
जेलर, तीन जेल वार्डर, एक हेड वार्डर सस्पेंड
गोरखपुर। जिला जेल से पास्को एक्ट के एक बन्दी के फरार होने के मामले में जेल प्रशासन ने लापरवाही को लेकर जेलर, तीन जेल वार्डर और एक हेड वार्डर को निलंबित कर दिया है। जेल अधीक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई को लेकर शासन को संस्तुति भेजी गई है। गौरतलब हो कि जिला जेल में रेप के आरोप में बंद बांसगांव निवासी विपिन शुक्रवार की सुबह सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए फरार हो गया। बन्दी के जेल से फरार होने की जानकारी मिलने पर प्रशासन और जेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जिला कारागार से बंदी के फरार होने की सूचना मिलने पर डीएम दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने जेल का निरीक्षण किया।
फरार बन्दी की तलाश में पुलिस की चार टीम लगाई गई है। इस बीच जेल प्रशासन ने जेल की सुरक्षा में लापरवाही पर पांच जेल कर्मियों को निलंबित कर दिया है। डीजी जेल पीसी मीना के मुताबिक मामले की शुरुआती जांच में जेल वार्डर जितेंद्र गौतम और जितेंद्र दुबे, हेड जेल वार्डर ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव और रामजीत सिंह व जेलर अरुण कुमार प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। इन सभी को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी गई है।










