पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। तहसील मलिहाबाद में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी विशाख जी ने जनसमस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 201 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 72 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए। समाधान दिवस के दौरान कई शिकायतें चर्चा का विषय बनीं।
रसूलपुर निवासी रामप्यारी ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनके पास एक किलोवाट का घरेलू विद्युत कनेक्शन है और वह नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करती हैं। इसके बावजूद विभाग की ओर से उन्हें 85,375 रुपए का बकाया नोटिस भेज दिया गया। शिकायत सुनते ही जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और मामले की तत्काल जांच कर त्रुटि दूर करने के निर्देश दिए। वहीं मलिहाबाद के मिर्जागंज निवासी यशोदा, जो एक विधवा महिला हैं, ने जिलाधिकारी के समक्ष भावुक होकर अपनी पीड़ा बयां की। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष से उन्हें विधवा पेंशन नहीं मिल रही है।
डीएम के सामने उन्होंने कहा, साहब, मैं अभी जिंदा हूं। महिला ने बताया कि वर्ष 2025 में समाज कल्याण विभाग के अभिलेखों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया, जिसके कारण उनकी पेंशन बंद हो गई और वह आर्थिक तंगी का सामना कर रही हैं। यह सुनकर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल मामला ठीक कराने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही शिकायतकर्ताओं से फोन के माध्यम से फीडबैक लेने के भी निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर एसडीएम मनोज सिंह, तहसीलदार कुमकुम मिश्रा, एसीपी योगेंद्र सिंह, माल एवं मलिहाबाद के खंड विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।










