- आईपीएल की कुल बिजनेस एंटरप्राइज वैल्यू 20.6 अरब डॉलर पहुंची, डिजिटल दर्शकों और निवेशकों के बढ़ते भरोसे से लीग ने बनाया नया रिकॉर्ड
- ब्रांड वैल्यू के मामले में मुंबई इंडियंस 264 मिलियन डॉलर के साथ दूसरे, कोलकाता नाइट राइडर्स 245 मिलियन डॉलर के साथ तीसरे और चेन्नई सुपर किंग्स 244 मिलियन डॉलर के साथ चौथे स्थान पर हैं।
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की लोकप्रियता और व्यावसायिक ताकत लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। वैश्विक निवेश बैंक हूलिहान लोकी की वर्ष 2026 की ब्रांड वैल्यूएशन रिपोर्ट के अनुसार, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) 300 मिलियन डॉलर (2500 करोड़ से अधिक) से अधिक ब्रांड वैल्यू हासिल करने वाली दुनिया की पहली क्रिकेट फ्रेंचाइजी बन गई है। वहीं, आईपीएल की कुल बिजनेस एंटरप्राइज वैल्यू बढ़कर 20.6 अरब डॉलर हो गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीएल की बिजनेस वैल्यू में पिछले वर्ष की तुलना में 11.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। लगातार दूसरे वर्ष लीग ने दोहरे अंकों की वृद्धि हासिल की है। आईपीएल की स्वतंत्र ब्रांड वैल्यू भी 10.3 प्रतिशत बढ़कर 4.3 अरब डॉलर पहुंच गई है। वर्ष 2023 के बाद से लीग की ब्रांड वैल्यू में 1.1 अरब डॉलर से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
आरसीबी ने लगातार शीर्ष स्थान बरकरार रखते हुए अपनी ब्रांड वैल्यू 269 मिलियन डॉलर से बढ़ाकर 312 मिलियन डॉलर कर ली, जो पिछले वर्ष की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। इसके साथ ही आरसीबी 300 मिलियन डॉलर का आंकड़ा पार करने वाली पहली क्रिकेट टीम बन गई।
ब्रांड वैल्यू के मामले में मुंबई इंडियंस (एमआई) 264 मिलियन डॉलर के साथ दूसरे, कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) 245 मिलियन डॉलर के साथ तीसरे और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) 244 मिलियन डॉलर के साथ चौथे स्थान पर हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष के दौरान हुए बड़े स्वामित्व सौदों ने भी आईपीएल की व्यावसायिक ताकत को और मजबूत किया। आरसीबी का अधिग्रहण ब्लैकस्टोन, बोल्ट वेंचर्स, आदित्य बिड़ला समूह और टाइम्स ऑफ इंडिया समूह के कंसोर्टियम ने लगभग 1.78 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर किया। वहीं, राजस्थान रॉयल्स का स्वामित्व करीब 1.65 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर बदला, जिसने फ्रेंचाइजी निवेश के नए मानक स्थापित किए।
रिपोर्ट में आईपीएल की बढ़ती डिजिटल पहुंच का भी उल्लेख किया गया है। आधिकारिक प्रसारक जियोस्टार के आंकड़ों के अनुसार, 2026 सीजन के दौरान आईपीएल ने 1.06 अरब स्क्रीन तक पहुंच बनाई और कुल दर्शक संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में सात प्रतिशत की वृद्धि हुई।
पंजाब किंग्स के सह-मालिक नेस वाडिया ने कहा कि उन्हें हमेशा विश्वास था कि आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी खेल लीगों में शामिल होगा, लेकिन इतनी तेजी से यह मुकाम हासिल करेगा, इसकी उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में उनकी फ्रेंचाइजी की वैल्यू 76 मिलियन डॉलर थी, जो अब बढ़कर 158 मिलियन डॉलर हो गई है। उनके अनुसार, आज वैश्विक निवेशकों और संस्थागत पूंजी का आईपीएल फ्रेंचाइजियों में निवेश इस लीग की मजबूत व्यावसायिक क्षमता का प्रमाण है।
रिपोर्ट के अनुसार, कनेक्टेड टीवी सबसे तेजी से बढ़ने वाला प्लेटफॉर्म बनकर उभरा, जहां पहुंच में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई। दूसरी ओर, पारंपरिक टेलीविजन की रेटिंग में 18.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रीमियम साझेदारियों और मीडिया अधिकारों से मिली मजबूती के कारण आईपीएल की कुल आय 1.8 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गई, जिससे यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती खेल लीगों में और मजबूत स्थिति में आ गया।
नेस वाडिया ने कहा कि आईपीएल ने भारत में खेल को देखने और समझने का तरीका बदल दिया है। इस लीग ने खिलाड़ियों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं, निवेश को बढ़ावा दिया है, अन्य खेल लीगों को प्रेरित किया है और ऐसे खेल ब्रांड तैयार किए हैं जिनसे करोड़ों प्रशंसक भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं।









