जकार्ता। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित अंडर-23 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय मुक्केबाजों ने दूसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी दावेदारी मजबूत कर दी। पुरुष और महिला दोनों वर्गों में भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार जीत दर्ज की, जबकि केवल एक मुकाबले में भारत को हार का सामना करना पड़ा।
पुरुषों के 50 किलोग्राम भार वर्ग में मौजूदा एशियाई चैंपियन विश्वनाथ सुरेश ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। उन्होंने उज्बेकिस्तान के अमीरबेक इस्मोइलोव को पूरी तरह दबदबे में रखते हुए 5:0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। विश्वनाथ ने मुकाबले के दौरान बेहतरीन तकनीक, आक्रामकता और संयम का परिचय दिया।
भारत की जीत का सिलसिला 55 किलोग्राम वर्ग में भी जारी रहा। गंगा ने मंगोलिया के अमगलनबातर बुलगनखू के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 5:0 से एकतरफा जीत दर्ज की। गंगा ने पूरे मुकाबले में अपने प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और सर्वसम्मति से मुकाबला अपने नाम किया।
70 किलोग्राम भार वर्ग में हितेश ने भी अपनी ताकत और तकनीकी कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने चीनी ताइपे के जून-झांग्लिन को 5:0 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। हितेश की इस जीत ने एक बार फिर साबित किया कि भारत इस चैंपियनशिप में कई भार वर्गों में मजबूत दावेदार बनकर उभरा है।
हालांकि, 60 किलोग्राम वर्ग में भारत को झटका लगा। सागर जाखड़ का मुकाबला जापान के कोइची नाकायामा से था, लेकिन उन्हें अयोग्य (डिस्क्वालिफाई) घोषित किए जाने के कारण हार का सामना करना पड़ा। इस परिणाम से भारतीय टीम को निराशा जरूर हुई, लेकिन अन्य खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने टीम का मनोबल ऊंचा बनाए रखा।
महिला वर्ग में भी भारत का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। 51 किलोग्राम वर्ग में तनु ने दक्षिण कोरिया की र्योंगयोन किम के खिलाफ शानदार मुक्केबाजी करते हुए 5:0 से जीत दर्ज की। तनु ने पूरे मुकाबले में बेहतरीन नियंत्रण, सटीक पंच और आक्रामक रणनीति के दम पर एकतरफा जीत हासिल की।
चैंपियनशिप के शुरुआती दो दिनों में भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि टीम इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में पदकों की मजबूत दावेदार है। खिलाड़ियों की तकनीकी दक्षता, फिटनेस और आत्मविश्वास ने भारतीय दल की तैयारियों की झलक पेश की है।
5 जुलाई से 16 जुलाई तक जकार्ता में आयोजित इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अब भारतीय मुक्केबाजों की नजर अगले दौर में जीत का सिलसिला जारी रखते हुए अधिक से अधिक पदक जीतने पर रहेगी।










