जयपुर में प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से मारपीट

जयपुर। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सोमवार को जयपुर में विरोध प्रदर्शन किया और इस दौरान कुछ लोगों ने पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को कथित तौर पर थप्पड़ मारे। पुलिस ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब समर्थकों ने दीपके को कंधे पर उठा रखा था। पुलिस के अनुसार, घटना के संबंध में दो युवकों को हिरासत में लिया गया है। इस घटना के बाद दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए लोगों से धर्म और जाति के आधार पर विभाजित नहीं होने की अपील की तथा विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ नारे लगाए। बाद में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक वीडियो संदेश में दीपके ने आरोप लगाया कि उन पर हमला उनके आंदोलन को बाधित करने की कोशिश का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि लेकिन हम कॉकरोच इन हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा। यही हमारा एकमात्र उद्देश्य है। दीपके ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में लिखा कि ध्यान न भटकाएं। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना शहीद स्मारक पर हुई, जहां कथित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की मूल्यांकन प्रणाली और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में युवा एकत्र हुए थे। पुलिस ने बताया कि जब दीपके प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और समर्थक उन्हें कंधों पर लेकर चल रहे थे, तभी भीड़ में मौजूद दो युवकों ने कथित तौर पर उन्हें थप्पड़ मार दिए। इसके बाद दीपके के समर्थकों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट की। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।

इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए आरोपियों में से एक राकेश गुर्जर ने स्वयं को राष्ट्रवादी बताते हुए आरोप लगाया कि दीपके की सोच ”जिहादी मानसिकता” वाली है और वह लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उसने यह भी दावा किया कि प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा केवल एक बहाना है। सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने घटना की प्रतिक्रिया में आरोप लगाया कि राजस्थान हाल के वर्षों में प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं का प्रमुख केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में आईआईटी के छात्र और चार्टर्ड अकाउंटेंट देने वाला राज्य अब शिक्षा व्यवस्था में गिरावट का सामना कर रहा है। रांका ने कहा कि प्रदर्शन में युवाओं की बड़ी भागीदारी उनकी बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रयास जारी रहेंगे।

प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने ”पेपर लीक बंद करो” और ”हम देश से प्यार करते हैं, भ्रष्टाचार को नकारते हैं” जैसे नारे लिखी तख्तियां और राष्ट्रीय ध्वज हाथों में ले रखे थे। कुछ महिलाएं भी अपने छोटे बच्चों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुर्इं। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की गई। स्वयंसेवकों ने शहीद स्मारक के प्रवेश द्वार पर कॉकरोच का चित्र बनाकर मंत्री के इस्तीफे की मांग संबंधी नारे भी लिखे। अपने संबोधन में दीपके ने 20 जून को दिल्ली मार्च निकालने की घोषणा करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री इस्तीफा हासिल किए बिना वापस नहीं लौटेंगे।
प्रदर्शन का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके बाद समर्थकों ने ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच दीपके को उनके वाहन तक पहुंचाया।

पुलिस के अनुसार, यह प्रदर्शन सीजेपी द्वारा परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, प्रश्नपत्र लीक और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया ने दीपके पर हुए हमले को ”कायरतापूर्ण कृत्य” बताया। सिसोदिया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह डरे हुए और भ्रष्ट शासन की गुंडों की फौज का काम हो सकता है। यही वे लोग हैं जो लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए नीट प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं और अब जब देश के युवा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, तो उन पर हमला किया जा रहा है। यह अत्यंत कायरतापूर्ण कृत्य है।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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