किसान परेशान, सरकारी कार्यों में अटक रहा काम, तहसील प्रशासन भी लाचार
पायनियर संवाददाता। गोरखपुर
सदर तहसील में इन दिनों खतौनी (भूमि अभिलेख) प्राप्त करना किसानों के लिए टेढ़ी खीर बन गया है। पिछले चार दिनों से एनआईसी (नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर) का सर्वर डाउन होने के कारण खतौनी जारी नहीं हो पा रही है। इसका सीधा असर किसानों और आम नागरिकों पर पड़ रहा है, जिन्हें अपने विभिन्न सरकारी और निजी कार्यों के लिए खतौनी की आवश्यकता होती है। तहसील परिसर में रोजाना सैकड़ों की संख्या में किसान और आवेदक खतौनी निकलवाने पहुंच रहे हैं, लेकिन सर्वर ठप होने के चलते उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। कई किसान दूर-दराज गांवों से तहसील पहुंचते हैं, जहां उन्हें घंटों इंतजार करने के बाद यह सूचना मिलती है कि सर्वर काम नहीं कर रहा है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।

खतौनी का उपयोग जमीन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाता है, जैसे बैंक से ऋण लेना, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना, रजिस्ट्री, नामांतरण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं। ऐसे में सर्वर डाउन होने से ये सभी काम ठप हो गए हैं। खासकर किसानों को इस समस्या का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें फसल, ऋण और अन्य योजनाओं के लिए समय पर दस्तावेजों की जरूरत होती है। तहसील के कर्मचारियों का कहना है कि एनआईसी सर्वर में तकनीकी दिक्कत के चलते यह समस्या उत्पन्न हुई है। इसे ठीक करने के लिए उच्च स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। वहीं, तहसील प्रशासन भी इस मामले में असहाय नजर आ रहा है, क्योंकि सर्वर की समस्या उनके नियंत्रण से बाहर है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सर्वर की समस्या को दूर कराया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके। साथ ही, वैकल्पिक व्यवस्था करने की भी मांग उठ रही है, जिससे जरूरी कार्य प्रभावित न हों। किसानों का कहना है कि यदि समय पर खतौनी नहीं मिली, तो उनके कई जरूरी काम अटक जाएंगे, जिसका सीधा नुकसान उन्हें उठाना पड़ेगा। इस बीच, तहसील प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि सर्वर ठीक होते ही कार्य सुचारु रूप से शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, लगातार चार दिनों से बनी इस समस्या ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।










