मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में स्टार्टअप और डेटा सेंटर नीति से लेकर पशुधन बीमा, नए विश्वविद्यालयों की स्थापना, श्रमिकों के लिए अस्पताल, खिलाड़ियों की सीधी भर्ती और होमगार्ड्स के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसे कई बड़े निर्णय शामिल हैं।
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रियों ने प्रेस वार्ता में विभिन्न विभागों से जुड़े फैसलों की जानकारी दी। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि प्रदेश में निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026’ और ‘उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2026’ को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही राज्य में ‘स्टार्टअप मिशन’ की स्थापना का रास्ता भी साफ हो गया है।

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना’ को मंजूरी दे दी है। यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी। इसके तहत लघु और सीमांत किसान, पशुपालक तथा डेयरी संचालक अपने पशुओं का बीमा करा सकेंगे। योजना में 85 प्रतिशत बीमा शुल्क राज्य सरकार और 15 प्रतिशत लाभार्थी द्वारा वहन किया जाएगा।
श्रम एवं सेवायोजन विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पतालों तथा वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है। वाराणसी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 50 प्रतिशत सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने बताया कि ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल और कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अब लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया से बाहर रखते हुए सीधी भर्ती का अवसर मिलेगा। खिलाड़ियों की नियुक्ति विभिन्न खेल एवं युवा कल्याण विभाग के पदों पर की जाएगी।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि तीन निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए लेटर ऑफ परमिशन (एलओपी) जारी करने को मंजूरी दी गई है। इनमें महर्षि महेश योगी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, गाजियाबाद स्थित एक निजी विश्वविद्यालय तथा फतेहपुर में नए विश्वविद्यालय की स्थापना शामिल है।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि शाहजहांपुर की जलालाबाद नगरपालिका परिषद का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगमों के लिए क्रमशः 80 करोड़ और 50 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने की स्वीकृति भी दी गई है। होमगार्ड्स को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई है।
वहीं कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय और रिसर्च सेंटर की स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर सरकारी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खेल और निवेश के क्षेत्र में प्रदेश को नई गति मिलेगी।










