26 सितंबर को युवा शक्ति सम्मेलन का आयोजन, युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील

युवाओं को राष्ट्र, संस्कृति और इतिहास से जुड़े विषयों पर जागरूक करने के उद्देश्य से 26 सितंबर 2026 को युवा शक्ति सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन को लेकर युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील की गई है। आयोजन से जुड़े संदेश में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति बताते हुए युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया गया है।
आयोजकों की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान में भी सामाजिक और सांस्कृतिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसी उद्देश्य से युवाओं को सम्मेलन से जुड़ने का आग्रह किया गया है।
युवा शक्ति सम्मेलन में क्या रहेगा संदेश?
26 सितंबर को होने वाले इस सम्मेलन का प्रमुख संदेश राष्ट्र जागरण, सांस्कृतिक चेतना और गौरवशाली इतिहास से जुड़ा है। युवाओं से इन विषयों को समझने और समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लेने की अपील की गई है।कार्यक्रम से जुड़े संदेश में सनातन संस्कृति को लेकर भी विशेष उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि सनातन संस्कृति के प्रखर वाहक युवाओं के बीच पहुंचेंगे और उनके साथ विभिन्न सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय विषयों पर संवाद होगा।सम्मेलन के जरिए युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत और इतिहास से जोड़ने की बात कही गई है। इसके साथ ही युवा पीढ़ी से देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान भी किया गया है।
‘जाणता राजा’ की गूंज का संदेश
युवा शक्ति सम्मेलन से जुड़े संदेश में ‘जाणता राजा’ का भी विशेष उल्लेख किया गया है। युवाओं से ‘जाणता राजा’ की गूंज को पूरे भारत तक पहुंचाने का संकल्प लेने की अपील की गई है।‘जाणता राजा’ नाम मराठा इतिहास और छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े सांस्कृतिक संदर्भ में इस्तेमाल होता है। सम्मेलन के संदेश में इसे राष्ट्र जागरण और ऐतिहासिक गौरव से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है।
सोशल मीडिया पर भी अपील
26 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम को लेकर युवाओं तक संदेश पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपील की जा रही है। संदेश में युवाओं से बड़ी संख्या में सम्मेलन से जुड़ने और राष्ट्र जागरण तथा सांस्कृतिक चेतना के संदेश को आगे बढ़ाने का आग्रह किया गया है।आयोजन के संदेश में दो प्रमुख पंक्तियों को विशेष रूप से सामने रखा गया है— ‘युवा शक्ति — राष्ट्र शक्ति’ और ‘जाणता राजा — राष्ट्र जागरण की गूंज’। इन्हीं नारों के माध्यम से सम्मेलन के उद्देश्य और युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया गया है।अब 26 सितंबर को आयोजित होने वाले युवा शक्ति सम्मेलन में युवाओं की भागीदारी और कार्यक्रम के दौरान सामने आने वाले प्रमुख संदेशों पर नजर रहेगी। सम्मेलन के जरिए युवा शक्ति, संस्कृति और इतिहास से जुड़े विषयों को केंद्र में रखा गया है।



