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 उन्नाव की बेटी पूजा ने उज्बेकिस्तान में जीता ब्रॉन्ज मेडल, अब  यूएफसी में देश का नाम रोशन करने का सपना

 उन्नाव की बेटी पूजा ने उज्बेकिस्तान में जीता ब्रॉन्ज मेडल, अब  यूएफसी में देश का नाम रोशन करने का सपना

लखनऊ/उन्नाव (पायनियर संवाददाता)। जनपद उन्नाव की तहसील हसनगंज के ग्राम मवई की बेटी पूजा कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। मोतीलाल की पुत्री पूजा ने उज्बेकिस्तान में आयोजित इंटरनेशनल मिक्स मार्शल आर्ट्स टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर तिरंगा लहराया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

पूजा का सफर वर्ष 2017 में कुश्ती से शुरू हुआ था। गांव में खेल सुविधाओं और बेहतर प्रशिक्षण की कमी होने के कारण उन्होंने अपने मामा विमलेश कुमार के यहां लखनऊ आकर तैयारी शुरू की। यहीं उनकी प्रतिभा को नई दिशा मिली और बाद में उनका चयन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) में हुआ,जहां से उन्होंने पेशेवर प्रशिक्षण हासिल किया।

साधारण परिवार से आने वाली पूजा के लिए यह सफर आसान नहीं था। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बीच उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी। कई बार चोटों और परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनके हौसले कभी कमजोर नहीं पड़े। कोरोना काल में प्रशिक्षण केंद्र बंद होने के बावजूद पूजा ने अभ्यास नहीं छोड़ा और घर पर ही खुद को फिट रखा।

मिक्स मार्शल आर्ट्स की कठिन ट्रेनिंग के दौरान पूजा को गंभीर चोटों का भी सामना करना पड़ा। लंबे समय तक इलाज और आराम के बाद उन्होंने फिर वापसी की और खुद को अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए तैयार किया। उनकी मेहनत का ही परिणाम रहा कि उज्बेकिस्तान में उन्होंने दमदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता।

पूजा का कहना है कि उनका सपना सिर्फ मेडल जीतना नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी फाइटिंग संस्था अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (यूपीएफसी) में भारत के लिए चैंपियनशिप बेल्ट जीतकर देश का नाम रोशन करना है।
आज पूजा उन बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला रखती हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि मजबूत इरादों और लगातार मेहनत से हर मुश्किल को पार किया जा सकता।

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