त्योहारों में डीजे की तेज आवाज पर पुलिस की नजर, 573 संचालकों को नोटिस

- उतरौला में एसडीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक, रात 10 बजे बाद संचालन पर रोक; नियम तोड़ने पर उपकरण होंगे सीज
पायनियर संवाददाता। उतरौला (बलरामपुर)
आगामी शारदीय नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली, चेहल्लुम समेत अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने डीजे की तेज आवाज और ध्वनि प्रदूषण पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में उतरौला थाना परिसर में उपजिलाधिकारी उतरौला योगेंद्र शरण शाह की अध्यक्षता में डीजे संचालकों, ऑपरेटरों एवं नगर के संभ्रांत गणमान्य लोगों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में थाना प्रभारी उतरौला अवधेश राज सिंह ने डीजे संचालकों को ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों की जानकारी देते हुए निर्धारित मानकों और समय सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर के संभ्रांत एवं गणमान्य नागरिकों के साथ समस्त डीजे संचालक और ऑपरेटर मौजूद रहे। उप जिलाधिकारी उतरौला योगेंद्र शरण शाह ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान धार्मिक जुलूस, विसर्जन, सार्वजनिक कार्यक्रम अथवा अन्य आयोजनों में डीजे का संचालन निर्धारित नियमों के अनुरूप ही किया जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रभारी निरीक्षक उतरौला अवधेश राज सिंह की ओर से डीजे संचालकों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक संचालक अपना बुकिंग रजिस्टर अनिवार्य रूप से तैयार रखे। इसमें डीजे बुक कराने वाले व्यक्ति का नाम, कार्यक्रम का स्थान, तिथि, समय और अन्य आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इससे डीजे संचालन का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा और किसी कार्यक्रम में नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में संबंधित संचालक की जिम्मेदारी निर्धारित करने में सुविधा होगी।
बैठक में ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में अधिकतम 75 डेसीबल, वाणिज्यिक क्षेत्र में 65 डेसीबल, आवासीय क्षेत्र में 55 डेसीबल तथा शांत क्षेत्र में 50 डेसीबल की निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करना होगा। डीजे सिस्टम में साउंड लिमिटर लगाना भी अनिवार्य बताया गया।
उप जिलाधिकारी उतरौला योगेंद्र शरण शाह ने स्पष्ट किया कि रात्रि 10 बजे से सुबह छह बजे तक डीजे और लाउडस्पीकर बजाने पर रोक है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक त्योहारों के अवसर पर सक्षम अधिकारी द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन अधिकतम 15 दिनों के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संचालन की अनुमति दी जा सकती है। अनुमति मिलने के बाद भी निर्धारित शर्तों और समय सीमा का पालन करना अनिवार्य होगा।
बैठक में बिना अनुमति डीजे संचालन पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। सार्वजनिक कार्यक्रम, धार्मिक जुलूस, विसर्जन अथवा निजी कार्यक्रम में सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त किए बिना डीजे नहीं बजाया जा सकेगा। इसके साथ ही डीजे पर अश्लील, फूहड़, द्वेष फैलाने वाले, उत्तेजक अथवा भड़काऊ गीत बजाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। ऐसे मामलों में संबंधित के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जुलूस और विसर्जन के दौरान सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। डीजे संचालकों और आयोजकों से कहा गया कि जुलूस के लिए निर्धारित मार्ग का ही प्रयोग किया जाए तथा यातायात व्यवस्था बाधित न हो। डीजे बॉक्स निर्धारित ऊंचाई से अधिक नहीं लगाए जाएं, जिससे विद्युत तारों से टकराने के कारण किसी दुर्घटना की आशंका न रहे। अधिकारियों ने आयोजकों से भी कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की।
बलरामपुर पुलिस के अनुसार जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 573 डीजे संचालकों को चिन्हित कर लिखित नोटिस तामील कराया गया है। उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित ध्वनि तीव्रता अथवा समय सीमा का उल्लंघन किए जाने पर ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 तथा भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर डीजे उपकरणों को जब्त कर सीज भी किया जा सकता है।
बैठक के अंत में प्रभारी निरीक्षक उतरौला अवधेश राज सिंह एवं उप जिलाधिकारी उतरौला योगेंद्र शरण शाह ने नगरवासियों और डीजे संचालकों से आगामी त्योहारों को आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि त्योहारों की खुशियां तभी सार्थक होंगी, जब आमजन की सुविधा, शांति और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।



