नोएडा। थाना सेक्टर-20 पुलिस ने एक बड़े चोरी के मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से एक करोड़ 48 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई ऑरा कार भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार चोरी की यह रकम निवेश के नाम पर आम लोगों से एकत्र की गई थी। डीसीपी नोएडा साद मियां खान से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस की टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इस कार्रवाई में लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की विशेष मदद ली गई। इसके बाद 18 अगस्त को पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब आरोपी रजनीगंधा चौराहे से फिल्मसिटी की तरफ जाने वाले रास्ते पर मौजूद थे।
मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अवनीश कुमार, पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा, जितेंद्र कुमार, सुमित कुमार, अनिल कुमार और नीशू चौहान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इस चोरी की पूरी वारदात का मुख्य आरोपी अवनीश कुमार है, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया।
सीए फर्म के साथी के गैराज से चुराई थी रकम
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अवनीश कुमार एक सीए फर्म चलाता है। इस काम में उसके साथ तीन अन्य साझेदार आशीष, आदर्श और भरत भी शामिल हैं। यह फर्म लोगों से निवेश के नाम पर पैसा जुटाकर काम करती है। बताया जा रहा है कि अवनीश ने जो पैसा लगाया था, वह उसे वापस नहीं मिल पा रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आशीष ने निवेशक उपलब्ध कराने के नाम पर वादी से रकम ली थी। यह बड़ी धनराशि आशीष के सेक्टर-25 स्थित गैराज में रखी हुई थी। जब अवनीश को इसका पता चला, तो उसने अपने पांच साथियों और रिश्तेदारों को साथ मिलाया। इसके बाद इन सभी ने मिलकर सेक्टर-25 स्थित आशीष के गैराज से रकम चोरी करने का पूरा प्लान तैयार किया और वारदात को अंजाम दे डाला।
मुकदमा दर्ज और आरोपियों का आपराधिक इतिहास
इस मामले में थाना सेक्टर-20 में मुकदमा अपराध संख्या 340/2026 दर्ज किया गया है। यह मामला धारा 305ए, 331(4), 317(2) और 61(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से पूरी चोरी की रकम यानी एक करोड़ 48 लाख रुपये नकद बरामद कर लिए हैं। इसके साथ ही अपराध में प्रयोग की गई ऑरा कार भी जब्त की गई है। पुलिस की जांच में गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास का भी खुलासा हुआ है। आरोपी पवन, अनिल और जितेंद्र के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं। पवन के खिलाफ मथुरा में आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत कई केस दर्ज पाए गए हैं। वहीं अनिल और जितेंद्र के खिलाफ पूर्व में एनडीपीएस, आबकारी और गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज रहे हैं।
रकम के स्रोत और बाकी भूमिकाओं की जांच जारी
पुलिस अब बरामद हुए एक करोड़ 48 लाख रुपये के पूरे स्रोत का पता लगा रही है। इसके साथ ही निवेश से जुड़े लेनदेन और इस चोरी की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस के उपलब्ध विवरण में आशीष, आदर्श और भरत का उल्लेख किया गया है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई है।