सांप ने बकरे को डसा, पशु अस्पताल और सीएचसी विवाद के बीच अटकी रही बकरे की जान

शामली। सांप के डसने के बाद बकरे की हालत बिगड़ी तो एक युवक उसे लेकर सीएचसी पहुंच गया। युवक ने डॉक्टर से बकरे का इलाज करने की गुहार लगाते हुए कहा कि पहले उसके बकरे को एंटी स्नेक वेनम लगाया जाए, मरीजों को बाद में देखा जाए। युवक की बात सुनकर स्वास्थ्यकर्मी भी हैरान रह गए।
मामला झिंझाना थाना क्षेत्र का है। मोहल्ला सलेक विहार निवासी उजेफा ने बताया कि शुक्रवार सुबह वह बकरे को लेकर टपराना गांव स्थित खेत पर गया था। खेत में पार्किंग के पास अचानक सांप ने बकरे को डस लिया। कुछ देर बाद बकरे की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद वह ई-रिक्शा से बकरे को लेकर पशु चिकित्सालय पहुंचा। उजेफा का आरोप है कि पशु चिकित्सालय में कर्मचारियों ने बकरे का उपचार करने के बजाय उसे सीएचसी जाने की सलाह दी। युवक के मुताबिक, कर्मचारियों ने उसे बताया कि सांप के डसने का एंटी वेनम इंजेक्शन सीएचसी में लगाया जाता है। इसके बाद वह बकरे को लेकर सीएचसी पहुंच गया। सीएचसी पहुंचकर युवक सीधे चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार के कमरे में पहुंचा। उसने डॉक्टर को बताया कि सांप ने उसके बकरे को डस लिया है। युवक ने बकरे को पहले एंटी स्नेक वेनम लगाने और मरीजों को बाद में देखने की बात कही। डॉ. दीपक कुमार ने उसे समझाया कि सीएचसी में केवल इंसानों का इलाज किया जाता है। पशुओं के उपचार की व्यवस्था यहां नहीं है। उन्होंने युवक को बकरे को पशु चिकित्सालय ले जाने की सलाह दी।
युवक ने डॉक्टर को बताया कि वह पहले पशु चिकित्सालय ही गया था, जहां से उसे सीएचसी भेजा गया। इसके बाद डॉक्टर ने उसे दोबारा पशु चिकित्सालय जाने की सलाह दी। समझाने के बाद युवक बकरे को लेकर सीएचसी से चला गया। सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि युवक बकरे को लेकर अस्पताल आया था। उसने सांप के डसने की बात कहते हुए बकरे के उपचार की मांग की। युवक को बताया गया कि सीएचसी में पशुओं का इलाज नहीं किया जाता और उसे पशु चिकित्सालय जाने की सलाह दी गई।



