स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
लखनऊ जिला बैडमिंटन चैंपियनशिप 29 सितंबर से, लगभग 300 खिलाड़ी लेंगे हिस्सायूपी को 2029 तक नशामुक्त बनाएगे: डीजीपी12 हजार करोड़ की परियोजनाओं से लखनऊ के विकास को नई रफ्तार: डॉ. राजेश्वर सिंहबीकेटी में चारअक्टूबर को आत्मसम्मान यात्राहाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर नीचे नाले पर गिरा युवकचाची से दुष्कर्म के बाद हत्या, भतीजा व साथी हिरासत मेंउधारी के दो लाख रुपए मांगने पर बहनोई ने साले को मारी गोली2 करोड़ की अवैध हेरोइन के साथ तीन तस्कर गिरफ्तारहड़ताल से पहले आम लोगों की सुविधा के लिए रविवार को खुले रहेंगे बैंकआनंद विहार टर्मिनल और कानपुर सेंट्रल के बीच चलेगी नई ट्रेनलखनऊ जिला बैडमिंटन चैंपियनशिप 29 सितंबर से, लगभग 300 खिलाड़ी लेंगे हिस्सायूपी को 2029 तक नशामुक्त बनाएगे: डीजीपी12 हजार करोड़ की परियोजनाओं से लखनऊ के विकास को नई रफ्तार: डॉ. राजेश्वर सिंहबीकेटी में चारअक्टूबर को आत्मसम्मान यात्राहाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर नीचे नाले पर गिरा युवकचाची से दुष्कर्म के बाद हत्या, भतीजा व साथी हिरासत मेंउधारी के दो लाख रुपए मांगने पर बहनोई ने साले को मारी गोली2 करोड़ की अवैध हेरोइन के साथ तीन तस्कर गिरफ्तारहड़ताल से पहले आम लोगों की सुविधा के लिए रविवार को खुले रहेंगे बैंकआनंद विहार टर्मिनल और कानपुर सेंट्रल के बीच चलेगी नई ट्रेन

जलभराव से बचने के लिए जान जोखिम में डाल रहे छात्र छात्राएं

जलभराव से बचने के लिए जान जोखिम में डाल रहे छात्र छात्राएं
-किसान संगठन खामोश, ग्रामीणों ने दी बहिष्कार की चेतावनी
-ट्रेन सामने आते ही मची अफरा-तफरी, छोटी समस्याओं पर सड़क पर उतरने वालों को बच्चों का दर्द क्यों नहीं दिखता?
पायनियर समाचार सेवा, खतौली। बुआड़ा मार्ग स्थित अंडरपास में जलभराव की समस्या अब ग्रामीणों के लिए मुसीबत के साथ ही स्कूली छात्र-छात्राओं की जिंदगी पर खतरा बन गई है। शनिवार को अंडरपास में भरे पानी से बचने के लिए दर्जनों छात्र-छात्राओं ने ऐसा रास्ता चुना, जिसे देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चे साइकिल लेकर रेलवे लाइन पार कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से ट्रेन आती दिखाई दी तो बच्चों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ बच्चों ने दौड़कर रेलवे लाइन पार की, जबकि कुछ ट्रैक के किनारे पड़े पत्थरों पर गिरकर घायल हो गए। मौके पर मौजूद राहगीरों ने घायल बच्चों को उठाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के साथ-साथ किसान संगठनों के प्रति भी जबरदस्त नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास में जलभराव की समस्या वर्षों पुरानी है। हर बारिश में हजारों ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके बावजूद किसान संगठनों ने इस गंभीर समस्या को लेकर कभी प्रभावी आंदोलन नहीं किया। ग्रामीणों का सवाल है कि जब किसानों की छोटी-बड़ी समस्याओं को लेकर किसान नेता अधिकारियों का घेराव और प्रदर्शन कर सकते हैं तो बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले पर उनकी चुप्पी क्यों है?
बुआड़ा अंडरपास खतौली भूड़ के अलावा छोटा बुआड़ा, बड़ा बुआड़ा, पाल, पुट्ठा समेत कई गांवों को कस्बे से जोड़ता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और छात्र-छात्राएं इसी रास्ते से खतौली आते-जाते हैं। बारिश के दौरान अंडरपास में कई फीट पानी भर जाने के कारण रास्ता बंद जैसा हो जाता है। मजबूरी में बच्चे दूसरे रास्तों का सहारा लेते हैं और शनिवार को तो उन्होंने रेलवे लाइन पार कर अपनी जान जोखिम में डाल दी। ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे लाइन पार करना किसी भी हालत में सुरक्षित विकल्प नहीं है। शनिवार को ट्रेन के सामने आने के बाद जो स्थिति बनी, उससे बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बचा। यदि किसी बच्चे के साथ अनहोनी हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? ग्रामीणों ने किसान संगठनों को लेकर अब आर-पार का रुख अपनाने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने कहा कि किसान संगठन यदि वास्तव में किसानों और आमजन की आवाज हैं तो उन्हें बच्चों की इस गंभीर समस्या को भी उठाना चाहिए। केवल किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करना और ग्रामीणों की दूसरी मूलभूत समस्याओं पर चुप रहना स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि बुआड़ा अंडरपास की समस्या का जल्द स्थायी समाधान नहीं कराया गया और किसान संगठनों ने इस मुद्दे पर आवाज नहीं उठाई तो उनके कार्यक्रमों का बहिष्कार किया जाएगा।
ग्रामीणों के मुताबिक अंडरपास की समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन के अलावा मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक शिकायतें भेजी जा चुकी हैं, लेकिन वर्षों बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने एक बार फिर मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर अंडरपास का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और किसान संगठन दोनों को अब चेतना होगा। बच्चों को पानी से बचाने के लिए रेलवे लाइन पार करने की नौबत आना व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। यदि समय रहते रास्ते का समाधान नहीं हुआ तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें