आरबीआई के रेपो दर को स्थिर रखने के बीच उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में सेंसेक्स 152 अंक चढ़ा

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लगातार चौथी बार अपनी प्रमुख नीतिगत दर रेपो में कोई बदलाव नहीं किए जाने के बाद बुधवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में बीएसई का मानक सूचकांक सेंसेक्स 152 अंक चढ़कर बंद हुआ। इस दौरान 30 शेयर वाला सेंसेक्स 152.05 अंक या 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,581 अंक पर रहा। सेंसेक्स के 17 शेयर बढ़त में जबकि 12 नुकसान में रहे। वहीं एक बिना किसी बदलाव के बंद हुआ। सूचकांक बढ़त के साथ खुला और सत्र के पहले हिस्से में 79,055.38 अंक के दिन के उच्च स्तर को छू गया। हालांकि, दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स ऊपरी स्तर से 769.64 अंक टूटकर 78,285.74 अंक के निचले स्तर पर आ गया। बाजार बंद होने से ठीक पहले दिग्गज बैंकिंग, वाहन और पूंजीगत वस्तु शेयरों में आई तेजी ने सेंसेक्स को घाटे से उबरने में मदद की।

इस बीच, 50 शेयर वाला एनएसई निफ्टी 9.75 अंक या 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 24,624.65 अंक पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में यह 24,677.60 अंक के उच्च स्तर तक गया और 24,497.95 अंक के निचले स्तर तक आया। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से अल्ट्राटेक सीमेंट, एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंटरग्लोब एविएशन और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर सबसे अधिक बढ़त में रहे। वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचसीएल टेक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर नुकसान में रहे। शेयर बाजारों द्वारा वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) अनुबंधों वाले शेयरों के लिए एक नई नीलामी प्रणाली शुरू करने के बाद सोमवार से सूचकांकों में काफी भिन्नता देखने को मिल रही है।

इक्विटी नकद खंड में समापन नीलामी सत्र (सीएएस) सोमवार से चालू हो गया, जिसने कीमत निर्धारण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पात्र शेयरों की समापन कीमतें तय करने के लिए एक नई नीलामी आधारित प्रणाली शुरू की है। इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को लगातार चौथी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) बैठक में अपनी प्रमुख नीतिगत दर (रेपो दर) को अपरिवर्तित रखा। आरबीआई ने यह देखने के लिए इंतजार करने का विकल्प चुना कि क्या ईरान युद्ध के कारण बढ़ी हुई ऊर्जा लागत व्यापक मुद्रास्फीतिक दबाव में बदलती है या नहीं। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि एमपीसी ने घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती का हवाला देते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान में मामूली बढ़ोतरी की है और तटस्थ रुख बनाए रखा है।

इसके अतिरिक्त, वार्षिक मुद्रास्फीति अनुमानों को कम किया गया है, जो गवर्नर के खुले विचारों वाले नजरिये को दर्शाता है। इससे एक आशावादी नजरिये का संकेत मिलता है, हालांकि आगे की नीतिगत कार्रवाई आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.73 प्रतिशत और मिडकैप 0.45 प्रतिशत चढ़ा। आॅनलाइन कारोबारी मंच ‘एनरिच मनी’ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार स्थिर बंद हुए। पश्चिम एशिया संघर्ष के स्थायी समाधान को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच निवेशक सतर्क थे और उन्होंने हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली की।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 3.76 प्रतिशत और जापान का निक्की 225 सूचकांक 3.66 प्रतिशत चढ़ा। साथ ही चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं यूरोपीय बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। अमेरिका के शेयर बाजार मंगलवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.75 प्रतिशत चढ़कर 80.75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 2,446.47 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को 210.08 अंक और एनएसई निफ्टी 159.40 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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