सीएंडडी को लेकर नगर निगम गुरुग्राम ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

बिल्डिंग प्लान की मंजूरी के आवेदन के साथ ही देनी होगी सीएंडडी वेस्ट की जानकारी
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम ने शहर में निर्माण एवं तोडफ़ोड़ वेस्ट (सीएंडडी वेस्ट) के बेहतर प्रबंधन और निर्धारित नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया द्वारा जारी आदेशों में निर्माण, विध्वंस, रिमॉडलिंग और रेनोवेशन से निकलने वाले सीएंडडी वेस्ट के संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण एवं उपयोग को लेकर विभिन्न प्रावधान निर्धारित किए गए हैं।
आदेश में पर्यावरण (निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट) प्रबंधन नियम 2025 हरियाणा की सीएंडडी वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी 2019 तथा सीएक्यूएम के दिशा-निर्देशों के अनुसार व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। एमसीजी ने 200 वर्गमीटर या उससे अधिक प्लॉट एरिया वाले ऐसे प्रोजेक्ट जिनमें निर्माण या पुनर्निर्माण से पहले विध्वंस किया जाना है, उनके लिए स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की है। ऐसे प्रत्येक आवेदक को बिल्डिंग प्लान की मंजूरी के लिए आवेदन करते समय प्रस्तावित डिमोलिशन से उत्पन्न होने वाले सीएंडडी वेस्ट की अनुमानित मात्रा की घोषणा करनी होगी। निर्माण या पुनर्निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित डिमोलिशन वेस्ट को एमसीजी की अधिकृत प्रोसेसिंग फैसिलिटी या निर्धारित कलेक्शन प्वाइंट पर जमा करना होगा तथा इसकी रसीद प्राप्त करनी होगी। आदेश के अनुसार संबंधित प्रमाण के सत्यापन के बाद ही ऑक्यूपेंसी व कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
20,000 वर्गमीटर या उससे अधिक बिल्ट-अप एरिया वाले प्रोजेक्ट के लिए आवेदक/निर्माता को इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार कर एमसीजी पोर्टल के माध्यम से स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करना होगा। ऐसे प्रोजेक्ट से उत्पन्न सीएंडडी वेस्ट को संबंधित प्रोड्यूसर द्वारा एमसीजी की रीसाइक्लिंग फैसिलिटी में स्वयं के वाहनों के माध्यम से जमा कराया जाना होगा। इसके लिए सीएंडडी वेस्ट का डिपॉजिट एमसीजी सीएंडडी पोर्टल के माध्यम से रूट किया जाएगा।



