सलमान के एशियाई खेलों में कांस्य जीतने से अमेठी में जश्न
किसान के बेटे ने रोइंग की डबल स्कल्स स्पर्धा में रचा इतिहास, सतनाम सिंह के साथ भारत को दिलाया पहला पदक

पायनियर समाचार सेवा
अमेठी। तिलोई क्षेत्र के छोटे से गांव से निकलकर भारतीय सेना में सेवा करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले 28 वर्षीय सलमान खान ने एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतकर अमेठी का नाम रोशन किया है। सलमान के पदक जीतने की खबर मिलते ही गुरुवार को उनके गांव और पूरे जिले में खुशी का माहौल बन गया। परिजनों, ग्रामीणों, खेल प्रेमियों और खेल अधिकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया। सलमान ने भारतीय रोइंग टीम के साथी सतनाम सिंह के साथ पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ भारत ने एशियाई खेलों में पहली बार इस स्पर्धा में पदक हासिल किया है।
तिलोई क्षेत्र के प्योर सिंगाई खेरूना गांव निवासी कासिम खान और जबुरुन्निशा के बेटे सलमान का परिवार कृषि से जुड़ा हुआ है। सामान्य ग्रामीण परिवेश से निकलकर सलमान ने खेल के क्षेत्र में कड़ी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया। एशियाई खेलों की डबल स्कल्स स्पर्धा में सलमान और सतनाम सिंह ने 6:13.25 का समय दर्ज करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। यह सलमान का एशियाई खेलों में पहला पदक है। उनके लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपनी मेहनत और अनुशासन के बल पर रोइंग जैसे कठिन खेल में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक हासिल किया।
सलमान की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उनका संयम और समन्वय शानदार रहा। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह सफलता दोनों खिलाड़ियों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।
सेना में भर्ती होने के बाद शुरू हुआ रोइंग का सफर
सलमान का एशियाई खेलों के पोडियम तक पहुंचने का सफर वर्ष 2018 में शुरू हुआ। इसी वर्ष वह भारतीय सेना के बॉम्बे इंजीनियरिंग ग्रुप में भर्ती हुए। सेना में आने के बाद उनके खेल कौशल को पहचान मिली और कोच सत्यवान, सतीश सिरात तथा प्रभात मिश्रा ने उन्हें रोइंग से परिचित कराया। शुरुआती दौर में उन्होंने अपनी बटालियन का प्रतिनिधित्व किया और लगातार अभ्यास के जरिए इस खेल में अपनी पकड़ मजबूत की।
इसके बाद सलमान आर्मी रोइंग नोड से जुड़े, जहां उन्होंने वरिष्ठ कोच कुदरत अली के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण हासिल किया। कठिन अभ्यास, शारीरिक फिटनेस और तकनीकी दक्षता पर लगातार काम करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी जगह बनाई। उनकी मेहनत का परिणाम भी लगातार सामने आया और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।
राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाया दम
सलमान ने वर्ष 2022 के राष्ट्रीय खेलों और इंडोर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके बाद वर्ष 2023 की सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। राष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला।
अब एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतकर सलमान ने अपने गांव, परिवार और अमेठी को गौरवान्वित किया है। उनकी सफलता से जिले के युवा खिलाड़ियों में भी उत्साह है। जिला खेल अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों और सलमान के कोच ने उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि खेती-किसानी से जुड़े परिवार के बेटे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए पदक जीतकर क्षेत्र के युवाओं को मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। सलमान की यह सफलता न केवल उनके व्यक्तिगत खेल करियर की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि अमेठी जैसे जिले से निकलने वाली खेल प्रतिभाओं के लिए भी एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आई है।



