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केंद्रीय कारागार सितारगंज में बंदियों के साथ मनाया गया रक्षाबंधन पर्व

केंद्रीय कारागार सितारगंज में बंदियों के साथ मनाया गया रक्षाबंधन पर्व

पायनियर समाचार सेवा। सितारगंज। भाई-बहन के पवित्र प्रेम और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व मंगलवार को केंद्रीय कारागार, सितारगंज में भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया। एकल विद्यालय संच, सितारगंज की ओर से बहनों का प्रतिनिधिमंडल कारागार पहुंचा और बंदियों की कलाइयों पर राखी बांधकर उन्हें अपनत्व एवं भाईचारे का संदेश दिया।
लंबे समय से अपने परिवार से दूर रह रहे बंदियों के लिए यह अवसर भावनात्मक रहा। बहनों के राखी बांधे जाने के दौरान कई बंदियों की आंखें नम हो गईं और वातावरण आत्मीयता से भर गया। वरिष्ठ अधीक्षक अनुराग मलिक ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि यह प्रेम, विश्वास, अपनत्व और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि कारागार में निरुद्ध बंदियों के जीवन में ऐसे आयोजनों का विशेष महत्व है। इससे उनमें यह भावना विकसित होती है कि वे समाज से कटे हुए नहीं हैं, बल्कि समाज का ही हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि बंदियों के सुधार एवं पुनर्वास के लिए अनुशासन के साथ-साथ मानवीय संवेदना और सकारात्मक वातावरण भी आवश्यक है। वरिष्ठ अधीक्षक ने एकल विद्यालय संच की बहनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामाजिक संस्थाओं द्वारा कारागार में आकर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करना बंदियों में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है। ऐसे प्रयास उन्हें अपने अतीत से सीख लेकर बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। यहां एकल विद्यालय संच की बहनों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता महेश मित्तल, सभासद सतीश उपाध्याय मौजूद रहे।

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