पुलिसकर्मियों के लिए बॉडी-कैमरा पहनना हो अनिवार्य; हाई कोर्ट में आई जनहित याचिका

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर व अन्य कई इलाकों में बीते कई महीनों से हो रहे राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों के बीच दिल्ली हाई कोर्ट में एक खास जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। जिसमें मांग की गई है कि विरोध-प्रदर्शनों के दौरान भीड़ को काबू करने के लिए सड़क पर तैनात दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों के लिए बॉडी-वॉर्न कैमरा (शरीर पर पहने जाने वाले कैमरे) पहनना अनिवार्य करने का निर्देश दिया जाए।
याचिका में ऐसे नियम, कानून या स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है, जिसके तहत भीड़ को काबू करने के लिए तैनात पुलिस और RAF जवानों के लिए बॉडी कैमरा पहनना जरूरी हो। साथ ही, इन कैमरों से रिकॉर्ड किए गए फुटेज को स्टोर करने, उसकी प्रमाणिकता बनाए रखने, उसे सुरक्षित रखने और सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए एक सिस्टम बनाने की मांग भी की गई है।
इस जनहित याचिका का समय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह PIL शनिवार को जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध-प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) विवेक भगत पर एक महिला पत्रकार के साथ कथित रूप से यौन दुर्व्यवहार करने का आरोप लगने के बाद आई है। बता दें कि इस मामले में तीन महिला पत्रकारों ने जंतर-मंतर पर निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस ने बताया था कि उसे इस बाबत शिकायतें मिली हैं, जिन्हें आगे की जांच के लिए अपराध शाखा को भेज दिया गया है।



