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मुक्केबाजी में प्रीति-जैसमीन ने जीते गोल्ड, जादूमणि की चांदी

प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराया। मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात दी। पुरुषों के…

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मुक्केबाजी में प्रीति-जैसमीन ने जीते गोल्ड, जादूमणि की चांदी
  • प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराया।
  • मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात दी।
  • पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह को आस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद 0-5 से हार का सामना करना पड़ा।

ग्लास्गो। भारतीय मुक्केबाजों ने राष्ट्रमंडल खेलों में शनिवार को दमदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किया। महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में जैसमीन लंबोरिया और 54 किग्रा वर्ग में प्रीति पवार ने शानदार जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल किए, जबकि पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह को कड़े संघर्ष के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग के फाइनल में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को पूरी तरह एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता। विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज प्रीति ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए। पहले राउंड में पांचों जजों ने उन्हें 10-8 के स्कोर के साथ विजेता माना। दूसरे राउंड में भी उन्होंने अपना दबदबा बनाए रखा और सर्वसम्मत फैसले से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

इसके बाद मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन लंबोरिया ने महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग के फाइनल में उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। पहले राउंड में दोनों मुक्केबाजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन जैसमीन ने विभाजित फैसले से बढ़त बना ली। दूसरे राउंड में उन्होंने शानदार पंचों की बदौलत मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया और सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की।

दिन के तीसरे फाइनल में पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन से हुआ। लंबे कद के प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जादूमणि ने शुरुआती कठिनाइयों के बावजूद शानदार वापसी करते हुए पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया। हालांकि दूसरे राउंड में डिक्सन ने जोरदार वापसी की और निर्णायकों का सर्वसम्मत समर्थन हासिल करते हुए मुकाबले में बढ़त बना ली। अंतिम राउंड में भी ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज ने अपना दबदबा कायम रखा और 5-0 के फैसले से स्वर्ण पदक जीत लिया। इसके साथ ही जादूमणि को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

भारतीय मुक्केबाजों के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की ताकत का परिचय दिया। जैसमीन और प्रीति के स्वर्ण पदकों ने भारतीय दल की पदक तालिका को मजबूत किया, जबकि जादूमणि के रजत पदक ने भी टीम के अभियान में अहम योगदान दिया।