श्रीलंका एकादश के खिलाफ अभ्यास मैच में भारत ने आठ विकेट पर 357 रन बनाए, पडिक्कल 142 रन पर नाबाद
कोलंबो। देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका क्रिकेट एकादश के खिलाफ अभ्यास मैच के दूसरे दिन नाबाद शतक जड़कर पहले टेस्ट के लिए भारतीय अंतिम एकादश में तीसरे नंबर पर अपना दावा मजबूत कर दिया। पडिक्कल ने कलात्मक बल्लेबाजी करते हुए 142 रन की नाबाद पारी खेली, जबकि अनुभवी रविंद्र जडेजा ने 63 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। दूसरी ओर, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल बल्लेबाजी के लिए अनुकूल परिस्थितियों का फायदा नहीं उठा सके।
भारत ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी पहली पारी में 90 ओवर में आठ विकेट पर 357 रन बनाए। पडिक्कल ने अपनी पारी में 18 चौके लगाए। मानव सुथार ने भी 41 रन की उपयोगी पारी खेलकर प्रभावित किया, जबकि गुरनूर बराड़ ने महज 18 गेंदों पर नाबाद 36 रन बनाकर पारी के अंत में तेजी दिखाई। उनकी पारी में चार छक्के शामिल रहे।खेल आगे बढ़ने के साथ पिच बल्लेबाजी के लिए आसान होती गई और पडिक्कल ने इसका पूरा फायदा उठाया। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते हुए साबित किया कि वह तीसरे नंबर की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। इस स्थान पर पहली पसंद साई सुदर्शन पैर के अंगूठे की चोट के कारण टेस्ट श्रृंखला से बाहर हो चुके हैं, ऐसे में पडिक्कल का तीसरे नंबर पर खेलना लगभग तय माना जा रहा है।
दिन की शुरुआत भारत के लिए अच्छी नहीं रही। यशस्वी जायसवाल दूसरी गेंद पर ही बिना खाता खोले आउट हो गए। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज विश्व फर्नांडो की गेंद पर शॉट खेलने के प्रयास में जायसवाल ने अपना विकेट गंवा दिया। इसके बाद केएल राहुल और पडिक्कल ने दूसरे विकेट के लिए 96 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। राहुल ने 40 रन बनाए और क्रीज पर अच्छी तरह जमने के बाद आउट हुए।
पडिक्कल ने शुरुआत में फुल लेंथ गेंदों पर शानदार कवर ड्राइव लगाए और इसके बाद प्वाइंट के आगे और पीछे दोनों तरफ बेहतरीन कट शॉट खेले। उन्होंने दाएं हाथ के तेज गेंदबाज इशिता विजेसुंदरा को विशेष रूप से निशाना बनाया और कई आकर्षक चौके लगाए। तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनका ट्रेडमार्क ‘नटराज शॉट’ भी देखने को मिला।पडिक्कल की बल्लेबाजी की सबसे खास बात उनका गेंद को देर तक देखने और सही शॉट का चयन करने का अंदाज रहा। उनका डिफेंस पहले की तुलना में मजबूत नजर आया, जबकि स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ उनका फुटवर्क भी शानदार रहा। उन्होंने ऑफ स्पिनर रमेश मेंडिस की गेंद पर पुल शॉट खेलकर केवल 121 गेंदों में अपना शतक पूरा किया।
शतक पूरा करने के बाद पडिक्कल रिटायर्ड हर्ट हो गए। उस समय तक उन्होंने रविंद्र जडेजा के साथ तीसरे विकेट के लिए 72 रन जोड़ लिए थे। जडेजा ने एक बार फिर विदेशों में मध्यक्रम के उपयोगी बल्लेबाज के रूप में अपनी अहमियत साबित की और 63 रन की जुझारू पारी खेली।हालांकि, भारत के लिए दिन की सबसे बड़ी निराशा ऋषभ पंत का जल्दी आउट होना रहा। पंत सिर्फ दो रन बना सके। उन्होंने रमेश मेंडिस की गेंद पर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर लॉन्ग-ऑफ की दिशा में चली गई। मेंडिस ने 77 रन देकर दो विकेट लिए।
वहीं, ध्रुव जुरेल भी केवल एक रन बनाकर आउट हुए। ऑफ स्पिन के खिलाफ उनकी तकनीकी कमजोरी एक बार फिर सामने आई। जुरेल ने आगे बढ़कर रक्षात्मक शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन शॉर्ट स्क्वायर लेग पर कैच दे बैठे।इसके बाद मानव सुथार ने जडेजा का अच्छा साथ दिया। दोनों ने मिलकर 76 रन की साझेदारी कर भारतीय पारी को संभाला। दिन के अंतिम चरण में पडिक्कल दोबारा बल्लेबाजी के लिए आए और चार और चौके लगाए। सारांश जैन ने रिटायर्ड हर्ट होने से पहले 22 रन बनाए।दिन का आकर्षण पडिक्कल का शानदार शतक रहा, जिसने श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट श्रृंखला से पहले भारतीय टीम के तीसरे नंबर के बल्लेबाज को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है।