निदेशक, प्रशासन एवं विकास, पशुपालन विभाग ने किया जनपद के गोआश्रय स्थलों का स्थलीय निरीक्षण,

ब्यूरो रिपोर्ट बी पी त्रिपाठी । बलरामपुर
जनपद में गोवंश संरक्षण, गोआश्रय स्थलों में संरक्षित पशुओं के बेहतर रखरखाव तथा पशुओं को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संचालित टीकाकरण अभियान की प्रगति का जायजा लेने हेतु निदेशक, प्रशासन एवं विकास, पशुपालन विभाग राजेंद्र प्रसाद द्वारा जनपद का भ्रमण किया गया। इस दौरान निदेशक द्वारा जनपद में संचालित अस्थायी गोआश्रय स्थलों, खुरपका-मुंहपका रोग (एफएमडी) एवं लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) के विरुद्ध संचालित टीकाकरण अभियान तथा मोबाइल वेटनरी यूनिट के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही पशु चिकित्सा सेवाओं का स्थलीय सत्यापन किया गया।
बांसेडीला गोआश्रय स्थल में सभी 124 गोवंशों का टीकाकरण पूर्ण, व्यवस्थाओं पर जताया संतोष निरीक्षण के क्रम में निदेशक द्वारा अस्थायी गोआश्रय स्थल बांसेडीला का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गोआश्रय स्थल में कुल 124 गोवंश संरक्षित पाए गए। सभी संरक्षित गोवंशों का एफएमडी एवं एलएसडी के विरुद्ध टीकाकरण पूर्ण पाया गया। निदेशक द्वारा गोआश्रय स्थल पर गोवंशों के भरण-पोषण एवं चारे की उपलब्धता का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान भूसा, दाना एवं हरा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध पाया गया। गोआश्रय स्थल पर 05 दुधारू गोवंश एवं 12 गर्भित मादा गोवंश पाए जाने पर निदेशक द्वारा सराहना की गई। उन्होंने संरक्षित गोवंशों के समुचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं बेहतर देखभाल पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। निदेशक द्वारा गोआश्रय स्थल से संबंधित अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव के निर्देश दिए गए। साथ ही गोवंशों के लिए हरे चारे की नियमित एवं पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु स्थानीय किसानों से अनुबंध किए जाने के लिए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि को निर्देशित किया गया। इसी क्रम में निदेशक द्वारा अस्थायी गोआश्रय स्थल बलदेव नगर का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोवंशों के भरण-पोषण एवं हरे चारे की उपलब्धता को लेकर मौके पर उपस्थित ग्राम प्रधान एवं ग्राम विकास अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने गोआश्रय स्थल पर हरे चारे की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय किसानों से अनुबंध किए जाने के निर्देश दिए, जिससे गोवंशों को वर्षभर पौष्टिक एवं पर्याप्त चारा उपलब्ध कराया जा सके।
भ्रमण के दौरान निदेशक द्वारा ग्राम जबदहा एवं ग्राम बलदेव नगर में मोबाइल वेटनरी यूनिट के माध्यम से आयोजित टीकाकरण एवं पशु चिकित्सा शिविरों का स्थलीय सत्यापन किया गया। उन्होंने मौके पर उपस्थित मोबाइल वेटनरी यूनिट की टीम को निर्धारित रोस्टर के अनुसार प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल टीकाकरण तथा पशु चिकित्सा शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुपालकों को उनके गांव में ही पशु चिकित्सा सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने तथा एफएमडी एवं लम्पी जैसे संक्रामक रोगों से पशुओं के बचाव के लिए नियमित टीकाकरण पर विशेष जोर दिया। मोबाइल वेटनरी यूनिट के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने, पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी तथा पशुपालकों को समय से उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए गए। निदेशक द्वारा गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के बेहतर रखरखाव, पौष्टिक आहार, हरे चारे की उपलब्धता एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को प्राथमिकता दिए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने पशुओं को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने के लिए एफएमडी एवं एलएसडी टीकाकरण अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन तथा मोबाइल वेटनरी यूनिट के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जनपद में गोवंश संरक्षण एवं पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में बांसेडीला गोआश्रय स्थल में सभी 124 संरक्षित गोवंशों का टीकाकरण पूर्ण पाया जाना एक सकारात्मक उपलब्धि है। वहीं, हरे चारे की नियमित उपलब्धता के लिए किसानों से अनुबंध की पहल से गोआश्रय स्थलों में गोवंशों के बेहतर पोषण एवं चारा प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान अपर निदेशक अरविद कुमार , मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी व अन्य संबंधित अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित रहें।



