लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह तथा जनोन्मुखी बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में व्यापक स्तर पर तबादले करते हुए 21 से अधिक जिलों में नए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) की तैनाती की है। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार का मानना है कि नई तैनातियों से जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा, योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर सरकार का फोकस है।
जारी आदेश के अनुसार, डॉ. प्रमोद कुमार को अंबेडकरनगर का नया मुख्य चिकित्सा अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं डॉ. मुकेश कुमार को वाराणसी, डॉ. सचिन चंद्र वैश्य को गाजियाबाद और डॉ. हरिनंदन प्रसाद को जालौन का सीएमओ बनाया गया है। इसके अलावा डॉ. नीरज त्यागी को संयुक्त निदेशक (जेडी) आगरा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों के तहत डॉ. रमेश कुमार मिश्रा को सोनभद्र, डॉ. रंजन गौतम को बाराबंकी, डॉ. अजय कुमार शर्मा को उन्नाव और डॉ. अभय नारायण राय को बलिया का मुख्य चिकित्सा अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं डॉ. अल्का शुक्ला को हमीरपुर, डॉ. उदयभान सिंह को फतेहपुर तथा डॉ. किशोर कुमार आहूजा को हापुड़ की जिम्मेदारी दी गई है।
इसी क्रम में डॉ. गंगाराम गौतम को जौनपुर, डॉ. पंकज कुमार को मऊ, डॉ. भुवन चंद्र पंत को पीलीभीत, डॉ. रमाकांत सागर को अमरोहा और डॉ. रामनाथ सिंह को अलीगढ़ का नया सीएमओ बनाया गया है। इसके साथ ही डॉ. विकास चंद्रा को कन्नौज, डॉ. विनय कुमार को महोबा, डॉ. वेद प्रकाश को हाथरस और डॉ. सुखरंजन समदर को सीतापुर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पद पर तैनाती दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग में हुए इस बड़े बदलाव को प्रशासनिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। प्रदेश सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, अस्पतालों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और चिकित्सा सुविधाओं को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। नए अधिकारियों के अनुभव और कार्यशैली से स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर संचालन की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक स्तर पर समय-समय पर किए जाने वाले ऐसे फेरबदल से विभागों में नई ऊर्जा का संचार होता है और कार्यों की गति बढ़ती है। वहीं आम जनता को भी उम्मीद है कि नए सीएमओ अपने-अपने जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रदेश सरकार के इस निर्णय को स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इन नई नियुक्तियों का असर जिलेवार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर देखने को मिल सकता है।