श्रीकृष्ण जन्मभूमि आंदोलन को लेकर संत समाज का बड़ा ऐलान, 6 दिसंबर को जुटने का दावा

आगरा, 26 सितंबर। श्रीकृष्ण जन्मभूमि आंदोलन को लेकर संत समाज की ओर से एक बार फिर बड़ा ऐलान किए जाने की बात सामने आई है। चित्रगुप्त पीठाधीश्वर डॉ. सच्चिदानंद महाराज ने दावा किया है कि आगामी 6 दिसंबर 2026 को देशभर के संतों को एकजुट कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण को लेकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
सच्चिदानंद महाराज ने आंदोलन को लेकर युवाओं की टोली तैयार किए जाने की भी बात कही है। उन्होंने कहा कि अब आंदोलन को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
‘पहले तीन मंदिरों की मांग थी, अब 40 हजार मंदिरों की बात’
डॉ. सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि पहले देश में तीन प्रमुख मंदिरों को लेकर मांग उठाई जाती थी, लेकिन अब 40 हजार मंदिरों की बात की जा रही है। उनके बयान में श्रीकृष्ण जन्मभूमि आंदोलन को व्यापक धार्मिक-सांस्कृतिक अभियान के रूप में आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया।
उन्होंने कहा कि संत समाज इस मुद्दे को लेकर आगामी कार्यक्रमों और आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा करेगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़ा आधिकारिक संस्थान भी मथुरा में श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान की गतिविधियों और धार्मिक परंपराओं की जानकारी अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराता है।
6 दिसंबर को देशभर से संतों के जुटने का दावा
सच्चिदानंद महाराज ने दावा किया कि 6 दिसंबर 2026 को देशभर से संतों के जुटने की तैयारी है। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण को लेकर आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने आंदोलन को लेकर कार्यकर्ताओं और युवाओं से सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि अब इस दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ने का समय है।
9 अगस्त को कारसेवा के शंखनाद का किया था दावा
श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर इससे पहले भी सच्चिदानंद महाराज की ओर से कारसेवा का आह्वान सामने आया था। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने 9 अगस्त को सुबह हवन, पूजन और वैदिक अनुष्ठान किए जाने की बात कही थी। रिपोर्ट में उनके हवाले से कहा गया था कि संत समाज और सनातनी धर्म योद्धाओं के साथ मिलकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया है।
तेजो महालय को लेकर भी आंदोलन की बात
संत समाज की ओर से आगरा के ताजमहल को ‘तेजो महालय’ बताए जाने वाले दावे को लेकर भी आंदोलन की बात कही गई है। इस विषय में मंदिर होने का दावा करने वाली याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट में भी दाखिल की गई है और सर्वे कमिश्नर नियुक्त करने की मांग को लेकर मामला न्यायिक प्रक्रिया में है।
हालांकि, ताजमहल को लेकर भारतीय पुरातत्व और सरकारी पर्यटन रिकॉर्ड में इसे मुगलकालीन स्मारक के रूप में दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट ताजमहल को शाहजहां द्वारा मुमताज महल की स्मृति में निर्मित स्मारक के रूप में वर्णित करती है।
‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ का आह्वान
सच्चिदानंद महाराज ने आंदोलन को लेकर ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ का संदेश देते हुए युवाओं को जोड़ने की बात कही। उनके अनुसार, आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं की टोली तैयार की जा रही है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि और तेजो महालय से जुड़े इन दावों एवं प्रस्तावित कार्यक्रमों के बीच संबंधित मामलों की न्यायिक स्थिति और प्रशासनिक अनुमति जैसे पहलू भी महत्वपूर्ण रहेंगे।



