LifeDash Smart Crash Detection: हादसे की सूचना से अस्पताल तक जुड़ेगा सिस्टम, गोल्डन ऑवर में मदद का प्रयास

लखनऊ, 3 सितंबर। सड़क दुर्घटना या किसी गंभीर मेडिकल इमरजेंसी के दौरान कुछ मिनट भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। घटना की जानकारी समय पर मिलने, एंबुलेंस के पहुंचने और अस्पताल को मरीज की स्थिति की जानकारी पहले से उपलब्ध होने से इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है। इसी दिशा में लखनऊ का हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी स्टार्टअप हिंदकेयर मेडटेकLifeDash Smart Crash-Detection and Emergency Alert Platform पर काम कर रहा है।
इस पहल का उद्देश्य संभावित सड़क दुर्घटनाओं की पहचान, रियल टाइम मॉनिटरिंग और इमरजेंसी नोटिफिकेशन के जरिए घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक सूचना के प्रवाह को बेहतर बनाना है।
कैसे काम करेगा LifeDash सिस्टम?
स्टार्टअप के अनुसार LifeDash को संभावित सड़क दुर्घटना की पहचान और इमरजेंसी अलर्ट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। तकनीक के जरिए दुर्घटना से संबंधित सूचना को इमरजेंसी रिस्पॉन्डर, एंबुलेंस सेवा और अस्पताल तक बेहतर तरीके से पहुंचाने की परिकल्पना की गई है।
इसका उद्देश्य केवल दुर्घटना की पहचान करना नहीं, बल्कि एक ऐसे कनेक्टेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की दिशा में काम करना है, जिसमें घटनास्थल से अस्पताल तक जरूरी जानकारी तेजी से पहुंच सके।
गोल्डन ऑवर में कम हो सकती है सूचना की देरी
गंभीर दुर्घटना के बाद शुरुआती समय को मेडिकल इमरजेंसी में महत्वपूर्ण माना जाता है। स्टार्टअप का फोकस इसी गोल्डन ऑवर के दौरान सूचना और समन्वय को बेहतर बनाने पर है।
स्टार्टअप की परिकल्पना के मुताबिक यदि दुर्घटना की जानकारी समय पर मिलती है और एंबुलेंस तथा अस्पताल को आवश्यक सूचना पहले से उपलब्ध हो सके, तो मरीज को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है।
हालांकि, किसी तकनीक की वास्तविक प्रभावशीलता उसके परीक्षण, तैनाती और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ एकीकरण पर निर्भर करेगी।
SGPGI के STPI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इनक्यूबेटेड
हिंदकेयर मेडटेक को लखनऊ स्थित SGPGI के STPI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इनक्यूबेट किया गया है। यूपी स्टार्टअप मिशन के सीईओ सुमित महाजन के मुताबिक उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए संस्थागत स्तर पर कई पहल की जा रही हैं।
उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 में डीप-टेक इनक्यूबेशन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और जिला स्तर पर इनक्यूबेशन नेटवर्क के विस्तार के साथ स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता देने के प्रावधान किए गए हैं।
CM योगी के सामने पेश की तकनीक
हिंदकेयर मेडटेक के संस्थापक ने गोरखपुर में आयोजित एक स्टार्टअप/टेक्नोलॉजी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने अपनी तकनीक और विजन प्रस्तुत किया। इस दौरान इमरजेंसी हेल्थकेयर में तकनीक के इस्तेमाल और मरीज, एंबुलेंस व अस्पताल के बीच बेहतर कनेक्टिविटी की परिकल्पना साझा की गई।
स्टार्टअप में डॉ. आयुष सिंह फाउंडर एवं डायरेक्टर के रूप में क्लीनिकल विजन और हेल्थकेयर रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं।
इमरजेंसी हेल्थकेयर को हाईटेक बनाने की पहल
हिंदकेयर मेडटेक का प्रयास दुर्घटना की सूचना से लेकर मरीज के अस्पताल पहुंचने तक विभिन्न स्तरों के बीच तकनीकी कनेक्शन मजबूत करने का है। इसके जरिए सूचना की देरी कम करने और इमरजेंसी रिस्पॉन्स को अधिक समन्वित बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।



