जमीअत का प्रतिनिधिमंडल पूर्व सांसद से मिला, मस्जिद को प्रशासन द्वारा गिराए जाने के मामले और आगे की रणनीति पर मंथन

सहारनपुर। कलक्ट्रेट मस्जिद को प्रशासन द्वारा गिराए जाने के मामले में जमीअत उलमा-ए-हिंद का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान के आवास पर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मस्जिद से जुड़े मामले की मौजूदा स्थिति, कानूनी प्रक्रिया और आगे की रणनीति पर मंथन किया।
अधिवक्ता नौशाद अहमद एडवोकेट ने कानूनी पहलुओं और तथ्यों की जानकारी दी। मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने कहा कि ऐसे मामलों में भावना नहीं, तथ्य और संवैधानिक प्रक्रिया को आधार बनाना चाहिए। पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने कहा कि यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है और भाईचारे व अमन समय की सबसे बड़ी जरूरत है। मस्जिद गिरने से मुसलमान ही नहीं हिंदू भाई भी दुखी हैं।
इस दौरान मौलाना कासिम नूरी अध्यक्ष दिल्ली, मौलाना अली हसन मजाहिरी अध्यक्ष हरियाणा-पंजाब-हिमाचल, मौलाना यूसुफ कासमी महासचिव दिल्ली, मौलाना अजीमुल्लाह कासमी राष्ट्रीय सचिव, हाफिज अबूबकर, मौलाना गुलफाम जिलाध्यक्ष सहारनपुर, मौलाना सरताज कासमी महासचिव सहारनपुर, मौलाना शमशेर कासमी जिला उपाध्यक्ष, मौलाना अतहर हक्कानी महानगर अध्यक्ष, मौलाना फरीद मजाहिरी प्रबंधक जामा मस्जिद, कारी शौकीन रामपुर मनिहारान, मौलाना अल्ताफ, कारी कलीम, मौलाना अब्दुल अलीम, कारी उल्फत, कारी अब्दुल हसीब, मौलाना हारिस मजाहिरी, रिजवान अहमद जोगी पूर्व पार्षद, आदिल खान तथा



