‘समस्या सबकी तो समाधान भी सबके लिए’, PM मोदी ने समझाया सुशासन का मॉडल; 2047 के विकसित भारत पर जोर

नई दिल्ली/लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम में विकास, सुशासन और 2047 के विकसित भारत का रोडमैप प्रमुखता से सामने आया। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों में मिला जनविश्वास और अनुभव केवल उनकी व्यक्तिगत पूंजी नहीं, बल्कि देश की पूंजी है। लखनऊ के पटेल पार्क में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा।प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सुशासन को योजनाओं के अंतिम लाभार्थी तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई समस्या पूरे समाज की है तो उसका समाधान भी सभी के लिए होना चाहिए।
वोट के हिसाब से नहीं, जरूरत के हिसाब से हो समाधान
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेत में पानी न पहुंचने या घर में बिजली नहीं आने की समस्या किसी एक जाति या समुदाय की नहीं होती। उनके मुताबिक, राजनीति के लिए समाज को वोटों के हिसाब से बांटना देश की बड़ी त्रासदियों में से एक रहा है।उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ को सुशासन का आधार बताते हुए कहा कि सरकार ने सुशासन को ‘सैचुरेशन’ से जोड़ने का प्रयास किया है। यानी कोई पात्र व्यक्ति सरकारी योजना के लाभ से छूटे नहीं और किसी के हक पर कोई डाका न डाल सके।
25 साल की यात्रा में संकटों से सीखे सबक
प्रधानमंत्री ने सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने से शुरू हुई अपनी यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने नहीं सोचा था कि कभी सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे करने का अवसर आएगा।उन्होंने भुज भूकंप, चंद्रयान की असफलता और कोरोना महामारी जैसे संकटों का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों ने उन्हें सीखने और आगे बढ़ने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि वह आज भी खुद को विद्यार्थी मानते हैं और हर अनुभव से सीखने का प्रयास करते हैं।
जनता और कार्यकर्ता सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता ने उन्हें बार-बार सेवा का अवसर दिया। उन्होंने जनता-जनार्दन के विश्वास और कार्यकर्ताओं के परिश्रम को अपनी सबसे बड़ी शक्ति बताया।उन्होंने कहा कि 25 वर्षों में हासिल जनविश्वास और अनुभव को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह देश की सामूहिक पूंजी है।
‘वी विल डू इट’ से 2047 का लक्ष्य
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आने वाले वर्षों के लक्ष्यों को सामने रखा। उन्होंने विकसित भारत 2047, भारत को दुनिया की टॉप-3 अर्थव्यवस्था बनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प दोहराया।इन लक्ष्यों को लेकर उन्होंने “वी विल डू इट” का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना है और सामूहिक प्रयास से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।यह संदेश प्रधानमंत्री के हालिया सार्वजनिक संबोधनों में सामने आए उस व्यापक विचार से भी जुड़ता है जिसमें उन्होंने ‘हो सकता है’ से आगे बढ़कर ‘हम करेंगे’ वाले आत्मविश्वास को भारत की ताकत बताया है।
नितिन नबीन ने गिनाईं सरकार की योजनाएं
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री की 25 वर्षों की यात्रा को जनसेवा से राष्ट्रसेवा की यात्रा बताया। उन्होंने महिला सशक्तीकरण, किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास, स्टार्टअप और खेलो इंडिया जैसी योजनाओं और पहलों का उल्लेख किया।उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया को भी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आगे बढ़ने वाली पहलों के रूप में पेश किया।
लखनऊ में योगी ने लगाई सेवा ज्योति
लखनऊ के पटेल पार्क में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के कार्यकाल पर आधारित ‘जन सेवा से देश सेवा’ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने सेवा ज्योति की स्थापना की।कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत सांसद, महापौर, अन्य जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम के जरिए 25 वर्षों की यात्रा को 2047 के विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने का संदेश दिया गया।



