IAP के जॉइंट सेक्रेटरी (ईस्ट ज़ोन) डॉ. जोजी जॉन के खिलाफ FIR, प्रेस क्लब में पीड़िता और वकीलों ने रखी अपनी बात

नई दिल्ली। इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट्स (IAP) के जॉइंट सेक्रेटरी (ईस्ट ज़ोन) डॉ. जोजी जॉन के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान शिकायतकर्ता और उनके वकीलों ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा तथा मामले में लगाए गए आरोपों और जांच प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों पर जानकारी दी।
एफआईआर संख्या 0241 के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला फिजियोथेरेपिस्ट ने डॉ. जोजी जॉन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 69 के तहत आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि पेशेवर मार्गदर्शन और करियर में सहायता के नाम पर शुरू हुआ संपर्क धीरे-धीरे एक व्यक्तिगत और भावनात्मक संबंध में बदल गया।
एफआईआर के अनुसार अगस्त 2025 में दोनों की पहली बातचीत फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से हुई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि डॉ. जोजी जॉन ने स्वयं को एक वरिष्ठ पेशेवर के रूप में प्रस्तुत किया और करियर मार्गदर्शन, प्रोफेशनल नेटवर्किंग तथा फिजियोथेरेपी क्षेत्र में अवसर उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। समय के साथ यह संबंध पेशेवर सीमाओं से आगे बढ़ गया और उन्होंने उन पर विश्वास करना शुरू कर दिया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि करियर में उन्नति, पेशेवर पहचान, विभिन्न अवसरों और व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं से जुड़े आश्वासनों ने इस विश्वास को और मजबूत किया।एफआईआर के अनुसार मार्च 2026 में आरोपी ने शिकायतकर्ता की दिल्ली यात्रा की व्यवस्था की थी, जिसके बाद दोनों की वहां मुलाकात हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी दौरान उनके बीच व्यक्तिगत और यौन संबंध स्थापित हुए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिकायतकर्ता ने कहा कि उनकी शिकायत के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु एफआईआर में शामिल नहीं किए गए, जबकि उन्होंने इसकी जानकारी जांच अधिकारी को दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बिना जानकारी के कुछ पिलाया गया था और इस संबंध में भी उन्होंने पुलिस को जानकारी दी थी। शिकायतकर्ता ने मीडिया को बताया कि इस पूरे घटनाक्रम का उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ा और वह लंबे समय तक अवसाद में रहीं। उन्होंने कहा कि अब वह मानसिक रूप से अधिक मजबूत महसूस कर रही हैं और मामले में निष्पक्ष जांच तथा उचित कार्रवाई चाहती हैं।
शिकायतकर्ता के लीगल एडवाइजर हितेन मेहता तथा उनके वकील एडवोकेट कृति भावसर और एडवोकेट एशना कुमार (भावसर एंड मेहता एंड कंपनी) ने मीडिया को एफआईआर और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें चार्जशीट की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है।
उन्होंने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच से संबंधित आवश्यक दस्तावेज शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराए जाने चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एफआईआर और शिकायत से जुड़े अन्य दस्तावेजों की प्रतियां भी मीडिया को उपलब्ध कराई गईं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।



