ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग से नौ लोग जिंदा जले
मुख्यमंत्री ने भी मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये ओर घायलों को 50-50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की


मुख्यमंत्री ने भी मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये ओर घायलों को 50-50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की
चालक और परिचालक ने जलने की गंध को नजरअंदाज किया
यात्रियों की बार-बार चेतावनी के बावजूद बस रोकने से इनकार कर दिया
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार की देर रात एसी स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। करीब 25 यात्रियों ने खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी चालक और परिचालक को गिरफ्तार कर लिया। ग्रेटर नोएडा के डीसीपी रवि शंकर निम ने बताया कि दिल्ली के कश्मीरी गेट से स्लीपर बस यात्री लेकर उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही थी। बस में करीब 35 यात्री सवार थे। बस बुधवार की देर रात करीब 12:00 यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर क्षेत्र के सिवारा गांव के समीप पहुंची तो उसमें अचानक आग लग गई। करीब 25 लोगों ने खिड़की का शीशा तोड़कर बाहर कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन बस में फंसे नौ यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे में एक महिला घायल हुई है, जिसका जेवर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे की सूचना पर पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। किसी तरह आग पर काबू पाकर शवों को बाहर निकाला। पुलिस ने इस मामले में एक यात्री सुनील की शिकायत पर बस के चालक और परिचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। सुनील का आरोप है कि हादसे के लिए बस का चालक और परिचालक जिम्मेदार हैं। उन्होंने लापरवाही बरती। यात्रियों ने उन्हें बस से जलने की बदबू आने की सूचना दी, लेकिन चालक-परिचालक ने बस नहीं रोकी। पुलिस ने कार्रवाई कर चालक-परिचालक को गिरफ्तार कर लिया।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतक आश्रित परिवारों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भी मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये ओर घायलों को 50-50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की।मुख्य अग्निशमन अधिकारी की रिपोर्ट
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि शुरूआती जांच से पता चला है कि बस की एयर-कंडीशनिंग प्रणाली में चिंगारी या धमाके की वजह से इंजन के लुब्रिकेंट आॅयल में आग लग गई होगी, जिसके बाद आग तेजी से फैली होगी।अस्पताल में भर्ती महिला का उपचार
एडीएम अजीत कुमार सिंह ने कहा कि हादसे के बाद करीब 15 लोगों को विशेष वाहन से महोबा भेजा गया, जबकि कुछ लोग निजी वाहनों से चले गए। एक महिला अभी अस्पताल में भर्ती है और आरोग्य अस्पताल में उसका उपचार हो रहा है।चालक ने जलने की गंध नजरअंदाज की, बस रोकने से किया इनकार
ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर आग की चपेट में आई बस के चालक और परिचालक ने जलने की गंध को नजरअंदाज किया और यात्रियों की बार-बार चेतावनी के बावजूद बस रोकने से इनकार कर दिया। एक यात्री की शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में यह आरोप लगाया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, जलने की गंध आने पर यात्रियों ने शोर मचाया और चालक से बस रोकने को कहा, लेकिन चालक और परिचालक ने कथित तौर पर ऐसा करने से इनकार करते हुए कहा, अगर मरना है तो मर जाओ, हम बस नहीं रोकेंगे। बुधवार देर रात दिल्ली से उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही एक बस में ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। हमीरपुर जिले के निवासी सुनील कुमार की शिकायत पर जेवर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि वह बुधवार रात करीब नौ बजे दिल्ली के कश्मीरी गेट से राज कल्पना ट्रैवल्स की बस में सवार हुए थे। उनके अनुसार, बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। शिकायत के अनुसार, रात करीब साढ़े 11 बजे बस यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंची, तभी यात्रियों को चालक के केबिन से जलने की गंध आने लगी। उन्होंने आरोप लगाया, चेतावनी दिए जाने के बावजूद चालक ने गंध को बस में आने वाली सामान्य गंध बताकर नजरअंदाज कर दिया और वाहन की जांच करने के लिए बस नहीं रोकी। उन्होंने आरोप लगाया, चालक और परिचालक केबिन में बीड़ी और सिगरेट पीते रहे और कुछ ही देर बाद चालक की सीट के पास अचानक आग की लपटें उठने लगीं। शिकायत में कहा गया है कि जब तक बस रुकी, तब तक आग फैल चुकी थी और वाहन धुएं से भर गया था। कुमार ने बताया कि वह और कई अन्य यात्री किसी तरह बस से कूदकर बाहर निकले, जबकि कुछ लोग अंदर फंसे रह गए।

बिहार में पंजीकरण, राजस्थान का फिटनेस और हरियाणा का प्रदूषण प्रमाणपत्र
यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से नौ लोगों की मौत के बाद बस के संचालन और उसके दस्तावेजों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। नोएडा पुलिस की जांच में सामने आया है कि दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही यह बस मध्य प्रदेश की राजकल्पना ट्रैवल्स की थी, जिसका पंजीकरण बिहार में हुआ था, जबकि फिटनेस प्रमाणपत्र राजस्थान और प्रदूषण प्रमाणपत्र हरियाणा से जारी किया गया था। पुलिस उपायुक्त (ग्रेटर नोएडा) रवि शंकर निम ने बताया कि बस का नोएडा में कोई निर्धारित ठहराव नहीं था।प्रारंभिक जांच में बस के एयर कंडीशनर में चिंगारी के कारण आग लगने की बात सामने आई है। पुलिस घटना के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि बस मध्य प्रदेश से संचालित होने वाली राजकल्पना ट्रैवल्स की है। यह बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा के लिए जा रही थी। बस का पंजीकरण बिहार में हुआ और इसका फिटनेस प्रमाण पत्र राजस्थान से, जबकि प्रदूषण प्रमाण पत्र हरियाणा से जारी हुआ है। निम ने बताया कि नोएडा पुलिस दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर यह जानकारी मांगेगी कि कश्मीरी गेट से इतनी बड़ी संख्या में बसों का कथित तौर पर अवैध रूप से संचालन किस प्रकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि बस के संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, बुधवार देर रात हुई इस घटना के समय बस में 35 यात्री सवार थे। 26 यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया, जबकि नौ लोगों की मौत हो गई। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर बस के चालक और परिचालक को हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद कश्मीरी गेट से संचालित होने वाली डबल डेकर बसों को लेकर पहले की घटनाएं भी चर्चा में आ गई हैं। चार अगस्त को कश्मीरी गेट से चलने वाली एक डबल डेकर बस में एक किशोरी से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था। इसके बाद नोएडा पुलिस ने भी बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की और कई बसों को जब्त किया गया।



