स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
सिनेमा, कला और प्रेरक कहानियों से सजा ‘स्वरंग’दिल्ली में सोना 1,500 रुपये टूटा, चांदी स्थिरचंदन सिंह की माटी-संवेदना प्रदर्शनी 24 तकसैयद मोदी बैडमिंटन टूर्नामेंट के दो बार के विजेता समीर वर्मा तीसरे दौर मेंनिदेशक, प्रशासन एवं विकास, पशुपालन विभाग ने किया जनपद के गोआश्रय स्थलों का स्थलीय निरीक्षण,आजमगढ के अहिरौला मे पति ने अपनी पत्नी समेत दो ब्राह्मणों की गोली मारकर की हत्या,घर मे चल रहीं थी पूजा !डीएम की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय एवं विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा बैठक संपन्नसंदिग्ध हालात में युवक का शव कमरे में लटकता मिलास्टेयरिंग फेल होने से ट्रक में घुसी रोडवेज बस2027 की तैयारी में जुटी भाजपा, पीलीभीत के चारों विधायक और जिलाध्यक्ष की सीएम योगी से मुलाकातसिनेमा, कला और प्रेरक कहानियों से सजा ‘स्वरंग’दिल्ली में सोना 1,500 रुपये टूटा, चांदी स्थिरचंदन सिंह की माटी-संवेदना प्रदर्शनी 24 तकसैयद मोदी बैडमिंटन टूर्नामेंट के दो बार के विजेता समीर वर्मा तीसरे दौर मेंनिदेशक, प्रशासन एवं विकास, पशुपालन विभाग ने किया जनपद के गोआश्रय स्थलों का स्थलीय निरीक्षण,आजमगढ के अहिरौला मे पति ने अपनी पत्नी समेत दो ब्राह्मणों की गोली मारकर की हत्या,घर मे चल रहीं थी पूजा !डीएम की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय एवं विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा बैठक संपन्नसंदिग्ध हालात में युवक का शव कमरे में लटकता मिलास्टेयरिंग फेल होने से ट्रक में घुसी रोडवेज बस2027 की तैयारी में जुटी भाजपा, पीलीभीत के चारों विधायक और जिलाध्यक्ष की सीएम योगी से मुलाकात

लापरवाही पर पांच तहसीलदार निलंबित, 13 अन्य को नोटिस

लापरवाही पर पांच तहसीलदार निलंबित, 13 अन्य को नोटिस
  • राजस्व मामलों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही पर योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई
  • सीएम के निर्देश पर कार्रवाई तेज, जवाबदेही तय कर होगी आगे की कार्रवाई

पायनियर समाचार सेवा

लखनऊ।  योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत राजस्व मामलों में लापरवाही और उदासीनता पर कड़ी कार्रवाई की गई है। राजस्व अदालतों में लंबित वादों के समयबद्ध निस्तारण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राजस्व परिषद ने पांच तहसीलदारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि 13 तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 7 सितंबर को प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा-34 के तहत दाखिल वादों की तहसीलवार और अधिकारीवार गहन समीक्षा की गई थी, जिसके बाद यह सख्त कार्रवाई की गई।

निलंबित किए गए अधिकारियों में अमित यादव तहसीलदार संडीला हरदोई, कृष्ण कुमार मिश्रा तहसीलदार देवरिया, सौरभ कुमार तहसीलदार जौनपुर, रंजन वर्मा तत्कालीन नायब तहसीलदार अयोध्या व सम्प्रति तहसीलदार गाजीपुर और अलख शुक्ला तहसीलदार जनपद प्रतापगढ़ शामिल हैं। इससे पहले 1 सितंबर 2026 को भी चार तहसीलदारों और एक नायब तहसीलदार को निलंबित किया गया था। यह कार्रवाई 29 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा राजस्व अदालतों में लंबित वादों के समयबद्ध निस्तारण की उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद दिए गए निर्देशों के क्रम में की जा रही है। समीक्षा में राजस्व वादों का निर्धारित समय सीमा के भीतर हर स्थिति में निस्तारण सुनिश्चित करने और किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही अथवा उदासीनता पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

13 तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस
इसके अलावा वादों के निस्तारण में बरती गई लापरवाही के दृष्टिगत 13 तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें चंद्रशेखर वर्मा तत्कालीन तहसीलदार देवरिया व सम्प्रति तहसीलदार गोरखपुर, गोपाल जी तत्कालीन नायब तहसीलदार देवरिया व सम्प्रति नायब तहसीलदार कुशीनगर, रविरंजन कश्यप तहसीलदार जौनपुर, राकेश कुमार तत्कालीन तहसीलदार जौनपुर व सम्प्रति तहसीलदार बलरामपुर, कविता ठाकुर तत्कालीन तहसीलदार बाराबंकी व सम्प्रति तहसीलदार गोंडा, देवानन्द तिवारी तत्कालीन तहसीलदार सुल्तानपुर व सम्प्रति तहसीलदार फिरोजाबाद, स्नेहल वर्मा तत्कालीन नायब तहसीलदार अयोध्या व सम्प्रति नायब तहसीलदार लखनऊ, राहुल सिंह तहसीलदार अमेठी, अनिल कुमार तहसीलदार प्रतापगढ़, यजुवेन्द्र सिंह नायब तहसीलदार लखनऊ, सुखवीर सिंह नायब तहसीलदार लखनऊ, रमाशंकर मिश्रा नायब तहसीलदार रायबरेली और शार्द सिंह तहसीलदार लखनऊ शामिल हैं।

राजस्व परिषद की ओर से इन अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की जा रही है। मामलों में जवाबदेही निर्धारित करते हुए नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री द्वारा की गई समीक्षा के क्रम में राजस्व परिषद द्वारा राजस्व न्यायालयों के कार्यों की प्रगति और निस्तारण की स्थिति पर विशेष निगरानी रखते हुए अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है।

राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई सिर्फ एक बार होने वाली कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सतत और निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा है। राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण में लापरवाही और उदासीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। वादों के समयबद्ध निस्तारण में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने अथवा कार्यों में लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ बिना किसी शिथिलता के नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे प्रदेश के किसानों और आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और सुलभ न्याय उपलब्ध हो सके।

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें